फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   निजी स्कूलों में पढ़ाई की आड़ में मोटी कमाई, परिसर में बेच रहे पुस्तकें-वर्दी

निजी स्कूलों में पढ़ाई की आड़ में मोटी कमाई, परिसर में बेच रहे पुस्तकें-वर्दी

Wed, 03 Apr 2019 10:01 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Wed, 03 Apr 2019 10:01 PM IST
विज्ञापन
निजी स्कूलों में पढ़ाई की आड़ में मोटी कमाई, परिसर में बेच रहे पुस्तकें-वर्दी
स्कूल में पुस्तक दुकान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुल्लू। प्रशासन ने एक ही दिन में तीन निजी स्कूलों में औचक निरीक्षण किया, जिससे निजी बड़े स्कूलों में हड़कंप मच गया। इसके चलते जिला मुख्यालय के साथ लगते डीएवी पब्लिक स्कूल और कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के पुस्तक भंडार सील कर दिए हैं। दोनों निजी स्कूलों ने अपने परिसर में ही बच्चों को किताबें और वर्दी बेचने के लिए पुस्तक भंडार खोल रखे थे।
जिला प्रशासन ने बुधवार को कुल्लू के पास मौहल में डीएवी पब्लिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया। परिसर में अंदर प्रवेश करने पर पाठ्य पुस्तकों का बड़ा भंडार देखकर हर कोई स्तब्ध था। स्कूल प्रबंधन स्वयं इन पुस्तकों को बच्चों को बेच रहा है और पढ़ाई की आड़ में मोटी कमाई कर रहा है। इसके बाद जिला दंडाधिकारी ने पुस्तक भंडार को तत्काल सील कर स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने कैंब्रिज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल मौहल का भी औचक निरीक्षण किया। स्कूल में वर्दी और किताबों की बड़ी मात्रा में की जा रही बिक्री पर जिला दंडाधिकारी यूनुस ने पुस्तक भंडार को सील करके कार्रवाई के आदेश दिए। इसके साथ ही बजौरा के स्नोर-वैली पब्लिक स्कूल का भी निरीक्षण किया गया। स्कूल में पाई गई छोटी-छोटी कमियों को शीघ्र दूर करने के आदेश जारी किए। लगातार हो रहे औचक निरीक्षणों से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। उपायुक्त यूनुस ने कहा कि निजी स्कूल निर्धारित मापदंडों को पूरा करें अन्यथा किसी प्रकार की छूट प्रदान करने की संभावना नहीं है। यदि किसी संस्थान में स्टाफ को कम वेतन दिए जाने के संबंध में शिकायत आएगी तो उसे भी गंभीरतापूर्वक से लिया जाएगा। बच्चे देश का भविष्य हैं और इनके जीवन से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन


गोपनीय रखी जाएगी शिकायत
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि बच्चों और अभिभावकों को अगर निजी स्कूलों से संबंधित कोई शिकायत है तो निसंकोच शिकायत करें। अभिभावकों की ओर से अत्यधिक फीस वसूली, अनाधिकृत तौर पर फंड वसूली, अध्यापकों व स्टाफ को कम वेतन प्रदान किए जाने, अनियमितताओं के संबंध में की जाने वाली शिकायतों को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed