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आउटसोर्स कर्मियों के हवाले रोजगार कार्यालय
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अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग स्थित रोजगार कार्यालय दो आउटसोर्स कर्मियों के हवाले हैं। हालांकि दो लिपिकों का वेतन केलांग कार्यालय से जारी किया जा रहा, जबकि दोनों कर्मी कहीं और डेपुटेशन पर तैनात हैं।
जिला रोजगार अधिकारी समेत एक अधीक्षक, दो वरिष्ठ सहायक, एक क्लर्क और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। यहां तैनात दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी डेपुटेशन पर कहीं और तैनात किए गए हैं। बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने वाला विभाग खुद लावारिस पड़ा है। हालांकि इन दिनों सहायक परियोजना अधिकारी डीआरडीए को रोजगार अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि यहां तैनात एकमात्र लिपिक कुछ दिन पहले ही स्थानांतरित हो गए हैं। उनकी जगह सरकार ने कुल्लू रोजगार कार्यालय में तैनात एक क्लर्क के केलांग के लिए स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। लेकिन कर्मी ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है। रोजगार अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे अधिकारी इन दिनों टूर पर घाटी से बाहर हैं। लिहाजा ऐसे हालात में रोजगार कार्यालय पहुंचने वाले बेरोजगार युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं को विभिन श्रेणियों के बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल रही है। युवक राकेश, जंगपो, देशीन व डोलमा ने बताया कि पंजीकरण के अलावा अन्य जानकारी हासिल करने के लिए जब वह रोजगार कार्यालय पहुंचते हैं तो बताया जाता है कि कार्यालय में कोई नियमित कर्मी मौजूद नहीं है। जनजाति युवा मंच के जिला अध्यक्ष एवं जिप सदस्य सुदर्शन जस्पा ने कहा कि रोजगार कार्यालय की तरह लाहौल के दर्जनों विभागों में एचओडी के पद खाली चल रहे हैं। लाहौल-स्पीति से कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद आउटसोर्स कर्मियों के सहारे रोजगार कार्यालय चलना दुर्भाग्यपूर्ण है। रोजगार अधिकारी का कार्यभार देख रहे डॉ. हीरानंद ने बताया कि कुल्लू में तैनात एक क्लर्क और एक अन्य जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के केलांग के लिए आदेश जारी किए हैं। हालांकि दोनों कर्मचारियों ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग स्थित रोजगार कार्यालय दो आउटसोर्स कर्मियों के हवाले हैं। हालांकि दो लिपिकों का वेतन केलांग कार्यालय से जारी किया जा रहा, जबकि दोनों कर्मी कहीं और डेपुटेशन पर तैनात हैं।
जिला रोजगार अधिकारी समेत एक अधीक्षक, दो वरिष्ठ सहायक, एक क्लर्क और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। यहां तैनात दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी डेपुटेशन पर कहीं और तैनात किए गए हैं। बेरोजगारों को रोजगार मुहैया करवाने वाला विभाग खुद लावारिस पड़ा है। हालांकि इन दिनों सहायक परियोजना अधिकारी डीआरडीए को रोजगार अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। बताया जा रहा है कि यहां तैनात एकमात्र लिपिक कुछ दिन पहले ही स्थानांतरित हो गए हैं। उनकी जगह सरकार ने कुल्लू रोजगार कार्यालय में तैनात एक क्लर्क के केलांग के लिए स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। लेकिन कर्मी ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है। रोजगार अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे अधिकारी इन दिनों टूर पर घाटी से बाहर हैं। लिहाजा ऐसे हालात में रोजगार कार्यालय पहुंचने वाले बेरोजगार युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं को विभिन श्रेणियों के बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल रही है। युवक राकेश, जंगपो, देशीन व डोलमा ने बताया कि पंजीकरण के अलावा अन्य जानकारी हासिल करने के लिए जब वह रोजगार कार्यालय पहुंचते हैं तो बताया जाता है कि कार्यालय में कोई नियमित कर्मी मौजूद नहीं है। जनजाति युवा मंच के जिला अध्यक्ष एवं जिप सदस्य सुदर्शन जस्पा ने कहा कि रोजगार कार्यालय की तरह लाहौल के दर्जनों विभागों में एचओडी के पद खाली चल रहे हैं। लाहौल-स्पीति से कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद आउटसोर्स कर्मियों के सहारे रोजगार कार्यालय चलना दुर्भाग्यपूर्ण है। रोजगार अधिकारी का कार्यभार देख रहे डॉ. हीरानंद ने बताया कि कुल्लू में तैनात एक क्लर्क और एक अन्य जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के केलांग के लिए आदेश जारी किए हैं। हालांकि दोनों कर्मचारियों ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है।
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