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तकनीकी खराबी से बेकाबू हुआ ढालपुर में लगा झूला
Updated Sun, 21 Oct 2018 10:40 PM IST
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तकनीकी खराबी से बेकाबू हुआ झूला
बाल-बाल बचे झूले में बैठे लोग, फट्टे उखड़े
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। ढालपुर मैदान में लगा झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण बेकाबू हो गया। गनीमत यह रही कि झूले में बैठे लोग बाल-बाल बच गए। तकनीकी खराबी के कारण यहां पर बड़ा हादसा हो सकता था। इससे पहले आयोजकों ने बिजली बंद कर करके हादसा होने से रोक लिया। हालांकि जिगजैग झूले के बेकाबू होने से इसमें लगे फट्टे भी उखड़ गए। झूले में बैठे लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। बिजली बंद करने के बाद झूले में बैठे लोगों को नीचे उतारा गया। उसके बाद झूले को बंद कर दिया गया। जिस समय यह घटना हुई उसी समय जलेब भी ढालपुर के एक कोने से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि ढालपुर में चलने वाले हिंडोले आदि बिजली से चलाए जा रहे हैं। तकनीकी खराबी के कारण इसमें दिक्कतें आ सकती हैं। घाटीवासी मनोज शर्मा, धनी राम, जगत राम, लुदर, रमेश, सुख दयाल, कर्ण सिंह, झावे राम ने कहा कि दशहरा में आने वाले अधिकतर लोग झूलों में बैठते हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक रहती है। लेकिन झूलों में सुरक्षा का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि झूलों में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
बॉक्स
तूफान ने उड़ाए कई टेंटों के तिरपाल
इधर कुल्लू में देर शाम बारिश के साथ तेज आंधी चली। जिसमें कई टेंटों के तिरपाल उड़ गए। जिससे दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर दुकानदारों ने बारिश व तेज तूफान से चलते अपनी दुकानें बंद कर दी। तूफान से बचने के लिए लोग डोम के अंदर जा दुबके रहे।
बाल-बाल बचे झूले में बैठे लोग, फट्टे उखड़े
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। ढालपुर मैदान में लगा झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण बेकाबू हो गया। गनीमत यह रही कि झूले में बैठे लोग बाल-बाल बच गए। तकनीकी खराबी के कारण यहां पर बड़ा हादसा हो सकता था। इससे पहले आयोजकों ने बिजली बंद कर करके हादसा होने से रोक लिया। हालांकि जिगजैग झूले के बेकाबू होने से इसमें लगे फट्टे भी उखड़ गए। झूले में बैठे लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। बिजली बंद करने के बाद झूले में बैठे लोगों को नीचे उतारा गया। उसके बाद झूले को बंद कर दिया गया। जिस समय यह घटना हुई उसी समय जलेब भी ढालपुर के एक कोने से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि ढालपुर में चलने वाले हिंडोले आदि बिजली से चलाए जा रहे हैं। तकनीकी खराबी के कारण इसमें दिक्कतें आ सकती हैं। घाटीवासी मनोज शर्मा, धनी राम, जगत राम, लुदर, रमेश, सुख दयाल, कर्ण सिंह, झावे राम ने कहा कि दशहरा में आने वाले अधिकतर लोग झूलों में बैठते हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक रहती है। लेकिन झूलों में सुरक्षा का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि झूलों में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
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तूफान ने उड़ाए कई टेंटों के तिरपाल
इधर कुल्लू में देर शाम बारिश के साथ तेज आंधी चली। जिसमें कई टेंटों के तिरपाल उड़ गए। जिससे दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर दुकानदारों ने बारिश व तेज तूफान से चलते अपनी दुकानें बंद कर दी। तूफान से बचने के लिए लोग डोम के अंदर जा दुबके रहे।
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