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शिरढ़ में मरकर एक बार फिर जिंदा होगा नड़
Updated Fri, 18 May 2018 10:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। उझी घाटी का प्रसिद्ध शिरढ़ काहिका मेला 30 मई से 6 जून तक धूमधाम से मनाया जाएगा। हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले मेले को लेकर तैयारियां आरंभ हो गई हैं। मेले के सफल आयोजन को लेकर होमिंद्र महंत को मेला कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं तुले राम को उपाध्यक्ष, ज्ञान ठाकुर को सचिव की कमान सौंपी गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की जिम्मेवारी नरेंद्र शर्मा, दीवान, गणेश और मेहर चंद को दी गई। विनित ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, गिरधर ठाकुर, चेतन ठाकुर, मानचंद ठाकुर, फतेह चंद और मंगल चंद खेलों का जिम्मा देखेंगे। वहीं अंशुल शर्मा को देखरेख कमेटी का अध्यक्ष चुना गया है। मेला कमेटी के उपाध्यक्ष तुले राम ने कहा कि 30 मई को जागरा होगा। 31 मई को हुलकी के साथ नड़ को मारा जाएगा। नड़ को मारने के पश्चात वह दैवीय शक्ति से फिर जिंदा होगा। काहिका मेले में इस दिव्य नजारे को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालु उमड़ेंगे। 1 और 2 मई को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करवाए जाएंगे। देवता कालिया नाग के सम्मान में यह मेला आयोजित किया जा रहा है। लोगों में मेले को लेकर खूब उत्साह है।
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कुल्लू। उझी घाटी का प्रसिद्ध शिरढ़ काहिका मेला 30 मई से 6 जून तक धूमधाम से मनाया जाएगा। हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले मेले को लेकर तैयारियां आरंभ हो गई हैं। मेले के सफल आयोजन को लेकर होमिंद्र महंत को मेला कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं तुले राम को उपाध्यक्ष, ज्ञान ठाकुर को सचिव की कमान सौंपी गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की जिम्मेवारी नरेंद्र शर्मा, दीवान, गणेश और मेहर चंद को दी गई। विनित ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, गिरधर ठाकुर, चेतन ठाकुर, मानचंद ठाकुर, फतेह चंद और मंगल चंद खेलों का जिम्मा देखेंगे। वहीं अंशुल शर्मा को देखरेख कमेटी का अध्यक्ष चुना गया है। मेला कमेटी के उपाध्यक्ष तुले राम ने कहा कि 30 मई को जागरा होगा। 31 मई को हुलकी के साथ नड़ को मारा जाएगा। नड़ को मारने के पश्चात वह दैवीय शक्ति से फिर जिंदा होगा। काहिका मेले में इस दिव्य नजारे को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्घालु उमड़ेंगे। 1 और 2 मई को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करवाए जाएंगे। देवता कालिया नाग के सम्मान में यह मेला आयोजित किया जा रहा है। लोगों में मेले को लेकर खूब उत्साह है।
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