{"_id":"5a8833334f1c1b90268ba96e","slug":"141518875443-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेट सेवा के लिए करना होगा लंबा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेट सेवा के लिए करना होगा लंबा इंतजार
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन
internet
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। घाटी में इंटरनेट सेवा के लिए जनजातीय लोगों का इंतजार और लंबा खींच गया है। बीआरओ ने बीएसएनएल की टेलीफोन की तारों को रोहतांग टनल के भीतर सेे ले जाने की अनुमति नहीं दी है। इतने दिनों तक लोग इसी इंतजार में रहे कि टेलीफोन की ऑप्टिकल फाइबर केबल रोहतांग टनल से होकर घाटी पहुंचाई जा रही है, लेकिन अब विभाग के अधिकारियों के ब्यान से साफ हो गया है कि सुरक्षा कारणों से इसकी अनुमति नहीं दी जा रही है।
लाहौल घाटी में पिछले करीब एक महीने से इंटरनेट सेवा ठप है। इंटरनेट सेवा बंद हो जाने से बैंकिंग के अलावा स्कूलों और सरकारी कार्यालयों का ऑनलाइन कामकाज प्रभावित हो रहा है। लोगों के अनुसार बीते दिनों बर्फबारी से पहले मढ़ी और राहनीनाला के बीच भूमिगत ओएफसी कट गई है लेकिन विभागीय स्तर पर अगर समय रहते कोशिश की गई होती तो जनजातीय क्षेत्र में पहले ही इंटरनेट सेवा बहाल हो गया होता। अब बीएसएनएल की तरफ से बताया गया कि जल्द ही रोहतांग टनल होकर ओएफसी को बिछाया जा रहा है। लिहाजा दो सप्ताह के भीतर घाटी में इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया जाएगा। टनल होकर ओएफसी बिछाने की अनुमति नहीं मिलने की खबर से घाटी के लोगों में खासा रोष है।
स्थानीय निवासी टशी, दोरजे, सुरेश, सोनम, राकेश कुमार, रोहित, हरीश, सुरेंद्र और महेंद्र के अनुसार विभाग ने इंटरनेट सेवा जल्द बहाल करने के नाम पर जनता को ठगा है। हालिया बर्फबारी से पहले अगर बीएसएनएल ने कोशिश की होती तो क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त कर इंटरनेट सेवा बहाल हो जाती। इस संबंध में बीएसएनएल के टीडीएम एलडी नेगी ने बताया कि सुरक्षा कारणों से रोहतांग टनल होकर ओएफसी बिछाने की अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। विभाग का एनटीआर विंग के ओएफसी की जिम्मेवारी है। अब मढ़ी तक सड़क बहाल होने के बाद ही क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त कर पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लाहौल घाटी में पिछले करीब एक महीने से इंटरनेट सेवा ठप है। इंटरनेट सेवा बंद हो जाने से बैंकिंग के अलावा स्कूलों और सरकारी कार्यालयों का ऑनलाइन कामकाज प्रभावित हो रहा है। लोगों के अनुसार बीते दिनों बर्फबारी से पहले मढ़ी और राहनीनाला के बीच भूमिगत ओएफसी कट गई है लेकिन विभागीय स्तर पर अगर समय रहते कोशिश की गई होती तो जनजातीय क्षेत्र में पहले ही इंटरनेट सेवा बहाल हो गया होता। अब बीएसएनएल की तरफ से बताया गया कि जल्द ही रोहतांग टनल होकर ओएफसी को बिछाया जा रहा है। लिहाजा दो सप्ताह के भीतर घाटी में इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया जाएगा। टनल होकर ओएफसी बिछाने की अनुमति नहीं मिलने की खबर से घाटी के लोगों में खासा रोष है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी टशी, दोरजे, सुरेश, सोनम, राकेश कुमार, रोहित, हरीश, सुरेंद्र और महेंद्र के अनुसार विभाग ने इंटरनेट सेवा जल्द बहाल करने के नाम पर जनता को ठगा है। हालिया बर्फबारी से पहले अगर बीएसएनएल ने कोशिश की होती तो क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त कर इंटरनेट सेवा बहाल हो जाती। इस संबंध में बीएसएनएल के टीडीएम एलडी नेगी ने बताया कि सुरक्षा कारणों से रोहतांग टनल होकर ओएफसी बिछाने की अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। विभाग का एनटीआर विंग के ओएफसी की जिम्मेवारी है। अब मढ़ी तक सड़क बहाल होने के बाद ही क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त कर पाएंगे।
विज्ञापन