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सर्दी के बाद अब सताने लगा बरसात का डर
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:43 PM IST
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कुल्लू। साल में पांच से छह माह तक बंद रहने वाला एनएच-305 जिला के बाह्य सिराज की 58 पंचायतों की सवा लाख आबादी के लिए चुनौती बन गया है। सर्दी में चार माह बंद रहने के बाद अब घाटी के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए बरसात का डर सताने लगा है। 97 किमी लंबा औट-बंजार-लूहरी हाइवे भूस्खलन की दृष्टि से अति संवदेनशील है। जलोड़ी दर्रा जाड़े में भारी बर्फबारी के कारण बंद हो जाता है तो माशनूनाला और कोटनाला में बरसात के दिनों रात दिन पहाड़ी से भूस्खलन का दौर जारी रहता है। बीते साल भी एनएच-305 करीब दो माह तक यातायात के लिए बंद रहा था और लोगों को वाया शिमला और करसोग होकर जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचना पड़ा। हालांकि, विकल्प के रूप में जलोड़ी दर्रा से होकर वाया शुश-शवाड़ से भी वाहनों की आवाजाही होती है। लेकिन, सड़क की दशा खस्ताहाल होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बाह्य सिराज के लोगों की सुविधा के लिए जलोड़ी दर्रा को भेदकर 4.2 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण प्रस्तावित है और इसकी प्रक्रिया भी चल रही है। लेकिन, अभी तक डीपीआर को मंजूरी न मिलने से निर्माण कार्य आगे खिसक रहा है। ऐसे में लोगों को आने वाले कुछ वर्षों तक सर्दी औैैर बरसात से परेशान होना पड़ेगा। जगदीश ठाकुर, हीरा लाल, रमेश चंद, ओम प्रकाश, गोविंद सिंह, श्याम लाल, तिलक राम, राम सिंह, मोहर सिंह, प्रताप ठाकुर तथा ध्यान सिंह ठाकुर ने कहा कि सर्दी के बाद अब बरसात में एनएच-305 बाह्य सिराज के लोगों को परेशान करेगा। 58 पंचायतों की सवा लाख आबादी को जिला मुख्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है। उधर, एनएच-305 के एसडीओ विकास गुप्ता ने कहा कि बरसात के मौसम से निपटने के लिए एनएच अथॉरिटी पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए फील्ड स्टाफ की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। संवेदनशील जगहों पर जेसीबी और डोजर की तैनाती कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मशीनरी हायर की जाएगी।
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