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सब्जी मंडियों में हाफ कलर सेब से गिरे दाम
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिले में सेब सीजन ने अगस्त माह के पहले सप्ताह में रफ्तार पकड़ ली है। सब्जी मंडी बंदरोल, सब्जी मंडी भुंतर सहित विभिन्न मंडियों में प्रतिदिन सेब पहुंच रहा है। लेकिन मंडियों में हाफ कलर सेब भी आने लगा है। हाफ कलर सेब के आने से मंडियों में सेेब के दाम गिरने लगे हैं। सेब के दो सप्ताह में ही तीस रुपये तक दाम घट चुके हैं। शुरूआती दौर में 100 रुपये तक बिकने वाला सेब अब 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
आढ़तियों की मानें तो अभी सेब के दाम और कम होने की आशंका है। बारिश कम होने के कारण सेब का साइज भी नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सेब की गुणवत्ता अच्छी नहीं बन पा रही है। इसका असर सेब मंडी में देखने को मिल रहा है। बागवान महेंद्र सिंह, दिवान सिंह, अशोक, पूरन चंद, संतोष शर्मा, सुभाष ठाकुर, नीरत राम ने कहा कि घाटी में कई जगहों पर सेब का तुड़ान शुरू हो गया है। कुछ बागवान हाफ कलर सेब को तोड़ कर मंडियों में ला रहे हैं। इसे खरीदने में व्यापारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। कम रेट में बिकने के कारण सेब की मार्केट भी डाउन हो रही है। उन्होंने कहा कि सेब का साइज अधिकतर स्मॉल व मीडियम ग्रेड मंडियों में आ रहा है, जबकि व्यापारियों को लार्ज व एक्ट्ररा लार्ज ग्रेड साइज कम होने से नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सेब के दाम लगातार मंडियों में गिर रहे हैं। उधर, कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि बागवान सेब तुड़ान में जल्दबाजी न करें। सेब को पूरी तरह से तैयार होने के बाद ही मंडी में लाएं। उन्होंने कहा कि बागवान अपने उत्पाद को संयम से बेचें। इससे बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलेंगे।
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कुल्लू। जिले में सेब सीजन ने अगस्त माह के पहले सप्ताह में रफ्तार पकड़ ली है। सब्जी मंडी बंदरोल, सब्जी मंडी भुंतर सहित विभिन्न मंडियों में प्रतिदिन सेब पहुंच रहा है। लेकिन मंडियों में हाफ कलर सेब भी आने लगा है। हाफ कलर सेब के आने से मंडियों में सेेब के दाम गिरने लगे हैं। सेब के दो सप्ताह में ही तीस रुपये तक दाम घट चुके हैं। शुरूआती दौर में 100 रुपये तक बिकने वाला सेब अब 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
आढ़तियों की मानें तो अभी सेब के दाम और कम होने की आशंका है। बारिश कम होने के कारण सेब का साइज भी नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सेब की गुणवत्ता अच्छी नहीं बन पा रही है। इसका असर सेब मंडी में देखने को मिल रहा है। बागवान महेंद्र सिंह, दिवान सिंह, अशोक, पूरन चंद, संतोष शर्मा, सुभाष ठाकुर, नीरत राम ने कहा कि घाटी में कई जगहों पर सेब का तुड़ान शुरू हो गया है। कुछ बागवान हाफ कलर सेब को तोड़ कर मंडियों में ला रहे हैं। इसे खरीदने में व्यापारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। कम रेट में बिकने के कारण सेब की मार्केट भी डाउन हो रही है। उन्होंने कहा कि सेब का साइज अधिकतर स्मॉल व मीडियम ग्रेड मंडियों में आ रहा है, जबकि व्यापारियों को लार्ज व एक्ट्ररा लार्ज ग्रेड साइज कम होने से नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सेब के दाम लगातार मंडियों में गिर रहे हैं। उधर, कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि बागवान सेब तुड़ान में जल्दबाजी न करें। सेब को पूरी तरह से तैयार होने के बाद ही मंडी में लाएं। उन्होंने कहा कि बागवान अपने उत्पाद को संयम से बेचें। इससे बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिलेंगे।
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