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सिउंड में बिजली परियोजना का डैम बनने से बढ़ा खतरा

Tue, 02 Apr 2019 09:57 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Tue, 02 Apr 2019 09:57 PM IST
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सिउंड में बिजली परियोजना का डैम बनने से बढ़ा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
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लारजी (कुल्लू)। पार्वती परियोजना के सिउंड डैम से सैंज बाजार के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पांच साल पहले बने इस डैम में दो साल से पानी भरकर बिजली का उत्पादन शुरू किया गया है। स्थानीय जनता सहित व्यापार मंडल ने सैंज बाजार और आसपास के क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित करने के लिए लंबे समय से आवाज उठ रही है। लोकसभा चुनावों में यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
व्यापार मंडल ने दो टूक कहा है कि बाजार की सुरक्षा करने वाले प्रत्याशी के हक में ही मतदान होगा। स्थानीय लोग कहते हैे कि बाजार नदी के करीब बसा है और सियुंड में डैम बनने से उन्हें जानमाल का नुकसान होने का खतरा महसूस हो रहा है। डैम में सैंज नदी के अलावा गड़सा और मणिकर्ण की नदियों का पानी भूमिगत टनल से सिउंड डैम तक लाए जाने का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में संकरी घाटी में नदी किनारे बसे लोग परेशानी में है। व्यापार मंडल सैंज के प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि सैंज बाजार में करीब 250 दुकानों के अलावा सैकड़ों रिहायशी मकान हैं, जो सभी नदी किनारे बसे हुए है। बरसात के दिनों में या टनलों के भीतर तकनीकी खराबी आने पर डैम से पानी छोड़ने की नौबत आ सकती है। ऐसी स्थिति में बाजार को भारी नुकसान हो सकता है। सियुंड में 800 मेगावाट की क्षमता वाली पार्वती चरण तीन परियोजना के लिए डैम बनाया गया है। डैम से नदी का बहाव आठ किमी लंबी भूमिगत टनल से डायवर्ट कर लारजी पावर हाउस पहुंचाया गया है। फिलहाल लारजी में चार में से दो ट्रबाईन घुमाई जा रही है। दो ट्रबाईनों के लिए मणिकर्ण और गड़सा नदी के पानी को भूमिगत टनलों से सिंउड तक पहुंचाया जाना है। इससे पहले इन नदियों के पानी से 520 मेगावाट की पार्वती चरण दो की चार ट्रबाईन चालू की जानी है। व्यापार मंडल के मोहर सिंह, मनोज राणा, मीरा देवी, जीत राम, गोविंद ठाकुर, लाल दास का कहना है कि तीन नदियों का पानी इकट्ठा होने से बाजार के लिए खतरे की संभावना बन सकती है। कहा कि सैंज बाजार को डेंजर जोन में शामिल किए जाने की मांग काफी समय से चल रही है। चुनावों में नेताओं के आश्वासन खोखले साबित हो रहे हैं। एनएचपीसी के महाप्रबंधक सीबी सिंह ने कहा कि डैम से खतरे की कोई संभावना नहीं है। सारी स्थिति को देखने के बाद ही डैम का निर्माण किया गया है।
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सरकार सैंज घाटी में बनी परियोजनाओं से उत्पन्न हुई समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। सैंज बाजार के लिए भी मास्टर प्लान बनाया जा रहा है।
-सुरेंद्र शौरी, विधायक बंजार विस

सरकार, स्थानीय विधायक परियोजना प्रभावित, विस्थापितों की समस्याओं को सुलझाने में नाकाम रहे हैं। सैंज बाजार की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है।
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-दुष्यंत ठाकुर, अध्यक्ष बंजार कांग्रेस

बाजार में धंस रही सड़क और दुकानों को बचाने के लिए बजट का प्रबंध कर सुरक्षा दीवार लगवाई जा रही है। परियोजना प्रबंधन को भी उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।
-रोहिणी चौधरी, अध्यक्ष जिला परिषद कुल्लू
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