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दो सौ यात्रियों ने भूखे प्यासे बसों में गुजारी रात
Updated Sat, 25 Aug 2018 09:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर बनाला में पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने से सवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। औट के साथ लगती बनाला जगह पर रात को पेड़ व चट्टानें गिरने से फोरलेन बंद रहा। इससे एचआरटीसी कुल्लू की चार वोल्वो सहित एक एसी व एक साधारण बस पूरी रात भर फंसी रही। दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार व शिमला जाने वाली वोल्वो व बसों में 200 से अधिक सवारियों को भूखे-प्यासे बसों में रात गुजारनी पड़ी। इनमें अधिकतर देशी-विदेशी पर्यटक शामिल थे और उन्हें 13 घंटे तक यहां बसों में ही रहना पड़ा।
शनिवार सुबह करीब 12 बजे तक बंद रही। फोरलेन पर बाह्य सराज-आनी-निरमंड व बंजार क्षेत्र को जाने वाली सरकारी सहित कई निजी बसें व अन्य वाहन भी घंटों तक फंसे रहे। बंजार में सात बजे पहुंचने वाली कुल्लू-बागीपुल वाया जलोड़ी दर्रा बस छह घंटे देरी से पहुंची। कुल्लू-दलाश, कुल्लू-रामपुर, आनी-कुल्लू, कुल्लू-बठाहड़, कुल्लू-बंजार की ओर जाने वाली बसें भी घंटों तक फंसी रही। पूरी रात वाहनों की आवाजाही बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी हुई। शनिवार को दोपहर कड़ी मशक्कत के बाद एनएचआईए ने रोड पर पड़े विशालकाय पेड़ों व चट्टानों को हटाकर यातायात को बहाल किया। कुल्लू से आनी गए बेली राम, राजेश, पिंकू, अनीता, राजेंद्र उमा तथा गोविंद सिंह ने कहा कि वे शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे की पहली बस कुल्लू-बागीपुल से आनी जा रहे थे। लेकिन बनाला में भारी भूस्खलन होने से वह वाहनों की लंबी कतार में फंस गए। उन्होंने कहा कि वह यहां सुबह छह बजे से लेकर 12 बजे तक फंसे रहे। इनमें कई महिला व बच्चे भी शामिल थे। भूस्खलन से फोरलेन के बंद होने से कई फल व सब्जियों के वाहन भी फंस रहे। उधर, आरएम कुल्लू डीके नारंग ने कहा कि निगम की वोल्वो समेत करीब आधा दर्जन बसें बनाला में फंस गई थी। लेकिन शनिवार को रोड बहाल होने के बाद सभी बसें अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना की गई।
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कुल्लू। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर बनाला में पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने से सवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। औट के साथ लगती बनाला जगह पर रात को पेड़ व चट्टानें गिरने से फोरलेन बंद रहा। इससे एचआरटीसी कुल्लू की चार वोल्वो सहित एक एसी व एक साधारण बस पूरी रात भर फंसी रही। दिल्ली, चंडीगढ़, हरिद्वार व शिमला जाने वाली वोल्वो व बसों में 200 से अधिक सवारियों को भूखे-प्यासे बसों में रात गुजारनी पड़ी। इनमें अधिकतर देशी-विदेशी पर्यटक शामिल थे और उन्हें 13 घंटे तक यहां बसों में ही रहना पड़ा।
शनिवार सुबह करीब 12 बजे तक बंद रही। फोरलेन पर बाह्य सराज-आनी-निरमंड व बंजार क्षेत्र को जाने वाली सरकारी सहित कई निजी बसें व अन्य वाहन भी घंटों तक फंसे रहे। बंजार में सात बजे पहुंचने वाली कुल्लू-बागीपुल वाया जलोड़ी दर्रा बस छह घंटे देरी से पहुंची। कुल्लू-दलाश, कुल्लू-रामपुर, आनी-कुल्लू, कुल्लू-बठाहड़, कुल्लू-बंजार की ओर जाने वाली बसें भी घंटों तक फंसी रही। पूरी रात वाहनों की आवाजाही बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी हुई। शनिवार को दोपहर कड़ी मशक्कत के बाद एनएचआईए ने रोड पर पड़े विशालकाय पेड़ों व चट्टानों को हटाकर यातायात को बहाल किया। कुल्लू से आनी गए बेली राम, राजेश, पिंकू, अनीता, राजेंद्र उमा तथा गोविंद सिंह ने कहा कि वे शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे की पहली बस कुल्लू-बागीपुल से आनी जा रहे थे। लेकिन बनाला में भारी भूस्खलन होने से वह वाहनों की लंबी कतार में फंस गए। उन्होंने कहा कि वह यहां सुबह छह बजे से लेकर 12 बजे तक फंसे रहे। इनमें कई महिला व बच्चे भी शामिल थे। भूस्खलन से फोरलेन के बंद होने से कई फल व सब्जियों के वाहन भी फंस रहे। उधर, आरएम कुल्लू डीके नारंग ने कहा कि निगम की वोल्वो समेत करीब आधा दर्जन बसें बनाला में फंस गई थी। लेकिन शनिवार को रोड बहाल होने के बाद सभी बसें अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना की गई।
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