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दस कमरों का मकान जलकर राख, तीस लाख नुकसान
Updated Mon, 26 Feb 2018 09:11 PM IST
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कुल्लू के गड़सा के भोसा गांव में धू-धू कर जलता मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिले की दियार पंचायत के भोसा गांव में सोमवार सुबह दस कमरों का ढाई मंजिला मकान जलकर राख हो गया। अग्निकांड में चार भेड़ें और दो बकरियां जिंदा जल गईं। इसके अलावा दो थ्रेशर भी आग की भेंट चढ़ गए। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे लगी आग से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। घटना में लाखों रुपये का नुकसान आंका गया है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक घर में आग लग गई। लकड़ी का मकान होने से एकदम आग भड़क गई और आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया। अति दुर्गम इलाके में बसे भोसा गांव में सड़क सुविधा न होने से यहां अग्निशमन के वाहन भी नहीं पहुंच सके। ऐसे में लकड़ी की काष्ठकुणी शैली का बना मकान देखते ही देखते परिवार की आंखों के सामने स्वाह हो गया। हालांकि, गांव के लोगों ने पानी की बाल्टियों से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पाई। धू-धू कर जले मकान से दो भाइयों का परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को विवश हो गया है। स्थानीय पंचायत प्रधान मनोरमा ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रेमलता, कुलदीप तथा जय सिंह ने कहा कि आग कैसे लगी, इसका पता नहीं लग सका है। प्रधान मनोरमा ने कहा कि घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। मकान में जब आग लगी, तब दोनों परिवार के लोग अपने कामकाज केे चलते खेतों में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि दस कमरों के मकान में चेत राम तथा बुधराम पुुत्र थैलू राम का परिवार बेघर हो गया और आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के पटवारी निमत राम ने कहा कि आग की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत दी गई।
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कुल्लू। जिले की दियार पंचायत के भोसा गांव में सोमवार सुबह दस कमरों का ढाई मंजिला मकान जलकर राख हो गया। अग्निकांड में चार भेड़ें और दो बकरियां जिंदा जल गईं। इसके अलावा दो थ्रेशर भी आग की भेंट चढ़ गए। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे लगी आग से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। घटना में लाखों रुपये का नुकसान आंका गया है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक घर में आग लग गई। लकड़ी का मकान होने से एकदम आग भड़क गई और आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया। अति दुर्गम इलाके में बसे भोसा गांव में सड़क सुविधा न होने से यहां अग्निशमन के वाहन भी नहीं पहुंच सके। ऐसे में लकड़ी की काष्ठकुणी शैली का बना मकान देखते ही देखते परिवार की आंखों के सामने स्वाह हो गया। हालांकि, गांव के लोगों ने पानी की बाल्टियों से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पाई। धू-धू कर जले मकान से दो भाइयों का परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को विवश हो गया है। स्थानीय पंचायत प्रधान मनोरमा ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रेमलता, कुलदीप तथा जय सिंह ने कहा कि आग कैसे लगी, इसका पता नहीं लग सका है। प्रधान मनोरमा ने कहा कि घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। मकान में जब आग लगी, तब दोनों परिवार के लोग अपने कामकाज केे चलते खेतों में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि दस कमरों के मकान में चेत राम तथा बुधराम पुुत्र थैलू राम का परिवार बेघर हो गया और आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के पटवारी निमत राम ने कहा कि आग की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत दी गई।
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