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22 डिफाल्टर होटलों पर 68.50 हजार जुर्माना
Updated Fri, 06 Apr 2018 10:12 PM IST
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मनाली-मणिकर्ण के 22 डिफाल्टर
होटलों पर 68.50 हजार जुर्माना
होटलों का नवीनीकरण नहीं करने पर कसा शिकंजा
पर्यटन विभाग की जांच में पाई गई हैं कई खामियां
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पर्यटन विभाग ने मनाली और मणिकर्ण घाटी के 22 पर्यटन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से 68.50 हजार का जुर्माना किया है। निरीक्षण के दौरान इन होटलियरों और रेस्तरां पर कई खामियां पाई गई थीं। विभाग ने होटलों का पंजीकरण और नवीनीकरण नहीं करने पर यह कार्रवाई की है। प्रत्येक होटलों पर तीन से चार हजार रुपये तक का जुर्माना किया है।
विभाग द्वारा 22 पर्यटन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कसे गए शिकंजे से पार्वती वैली से लेकर ऊझी घाटी के होटल और रेस्तरां संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रदेश हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों के तहत पिछले माह किए गए निरीक्षण में कई तरह की खामियां पाई गई हैं। कई होटल संचालकों ने कई महीनों से पंजीकरण नवीनीकरण नहीं करवाया था और अवैध तरीके से धंधा चलाया जा रहा था। विभाग की टीम ने पार्वती वैली के तोष में करीब 20 पर्यटन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। इसमें करीब एक दर्जन प्रतिष्ठानों में पर्यटन विभाग के नियमों का उल्लंघन पाया गया।
इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू बीसी नेगी ने कहा कि मणिकर्ण के तोष और पर्यटन नगरी मनाली में होटलियर पर्यटन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर संचालन कर रहे हैं। निरीक्षण में पाई गड़बड़ी के एवज में विभाग ने 68.50 हजार का जुर्माना वसूल किया है।
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उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों के तहत अवैध रूप से बन होटलों तथा पर्यावरण का उल्लंघन करने वाले होटलों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अलग-अगल कमेटियों का गठन किया गया है। एनजीटी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों, रेस्तरां और होम स्टे की जांच करने के आदेश दिए हैं।
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होटलों पर 68.50 हजार जुर्माना
होटलों का नवीनीकरण नहीं करने पर कसा शिकंजा
पर्यटन विभाग की जांच में पाई गई हैं कई खामियां
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। पर्यटन विभाग ने मनाली और मणिकर्ण घाटी के 22 पर्यटन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से 68.50 हजार का जुर्माना किया है। निरीक्षण के दौरान इन होटलियरों और रेस्तरां पर कई खामियां पाई गई थीं। विभाग ने होटलों का पंजीकरण और नवीनीकरण नहीं करने पर यह कार्रवाई की है। प्रत्येक होटलों पर तीन से चार हजार रुपये तक का जुर्माना किया है।
विभाग द्वारा 22 पर्यटन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर कसे गए शिकंजे से पार्वती वैली से लेकर ऊझी घाटी के होटल और रेस्तरां संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रदेश हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों के तहत पिछले माह किए गए निरीक्षण में कई तरह की खामियां पाई गई हैं। कई होटल संचालकों ने कई महीनों से पंजीकरण नवीनीकरण नहीं करवाया था और अवैध तरीके से धंधा चलाया जा रहा था। विभाग की टीम ने पार्वती वैली के तोष में करीब 20 पर्यटन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। इसमें करीब एक दर्जन प्रतिष्ठानों में पर्यटन विभाग के नियमों का उल्लंघन पाया गया।
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इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू बीसी नेगी ने कहा कि मणिकर्ण के तोष और पर्यटन नगरी मनाली में होटलियर पर्यटन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर संचालन कर रहे हैं। निरीक्षण में पाई गड़बड़ी के एवज में विभाग ने 68.50 हजार का जुर्माना वसूल किया है।
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उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों के तहत अवैध रूप से बन होटलों तथा पर्यावरण का उल्लंघन करने वाले होटलों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अलग-अगल कमेटियों का गठन किया गया है। एनजीटी ने कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों, रेस्तरां और होम स्टे की जांच करने के आदेश दिए हैं।