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संस्कृत अध्यापक पढ़ा रहा अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय
Updated Sun, 08 Apr 2018 07:24 PM IST
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संस्कृत अध्यापक पढ़ा रहा अंग्रेजी, गणित और विज्ञान
मिडिल स्कूल नरवाली में बच्चों का भविष्य अंधेरे में
दो साल से स्कूल में नहीं हुई अध्यापकों की नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्तमान में शिक्षा का स्तर कैसा होगा। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत का अध्यापक अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय पढ़ा रहा है। जिला कुल्लू के बंजार खंड के तहत आने वाले मिडिल स्कूल नरवाली में एक संस्कृत अध्यापक के सहारे स्कूल चलाया जा रहा है।
संस्कृत अध्यापक छठीं, सातवीं और आठवीं कक्षाओं के 30 विद्यार्थियों को पढ़ाने को मजबूर है। 26 अप्रैल 2016 को स्कूल का तत्कालीन आयुर्वेद मंत्री स्व. कर्ण सिंह ने उद्घाटन किया था। इसके बाद स्कूल में संस्कृत शिक्षक के अलावा किसी अन्य शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। इसको लेकर बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। स्थानीय लोगों की ओर से कई बार आग्रह करने के बावजूद स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसको लेकर अभिभावकों में सरकार और विभाग के प्रति रोष है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामसरन, सदस्य चुन्नी लाल, भाग चंद, यानदासी, फालमा देवी, रेवा देवी, ग्रामीण केडी ठाकुर, हीरा लाल, केशव राम ने कहा कि नरवाली मिडिल स्कूल में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। संस्कृत अध्यापक बच्चों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की शिक्षा दे रहा है। ऐसे में बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी अभिभावकों की बात मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी से मांग की है कि स्कूल में जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए अन्यथा लोगों को मजबूरन विभाग के खिलाफ लामबंद होना पड़ेगा। शिक्षा उपनिदेशक कुलवंत पठानिया ने कहा कि शिक्षकों के खाली पदों के लिए साक्षात्कार 9 अप्रैल से रखे गए हैं। इसके बाद स्कूलों में खाली पदों को भरा जाएगा।
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मिडिल स्कूल नरवाली में बच्चों का भविष्य अंधेरे में
दो साल से स्कूल में नहीं हुई अध्यापकों की नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्तमान में शिक्षा का स्तर कैसा होगा। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत का अध्यापक अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय पढ़ा रहा है। जिला कुल्लू के बंजार खंड के तहत आने वाले मिडिल स्कूल नरवाली में एक संस्कृत अध्यापक के सहारे स्कूल चलाया जा रहा है।
संस्कृत अध्यापक छठीं, सातवीं और आठवीं कक्षाओं के 30 विद्यार्थियों को पढ़ाने को मजबूर है। 26 अप्रैल 2016 को स्कूल का तत्कालीन आयुर्वेद मंत्री स्व. कर्ण सिंह ने उद्घाटन किया था। इसके बाद स्कूल में संस्कृत शिक्षक के अलावा किसी अन्य शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। इसको लेकर बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। स्थानीय लोगों की ओर से कई बार आग्रह करने के बावजूद स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसको लेकर अभिभावकों में सरकार और विभाग के प्रति रोष है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामसरन, सदस्य चुन्नी लाल, भाग चंद, यानदासी, फालमा देवी, रेवा देवी, ग्रामीण केडी ठाकुर, हीरा लाल, केशव राम ने कहा कि नरवाली मिडिल स्कूल में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। संस्कृत अध्यापक बच्चों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की शिक्षा दे रहा है। ऐसे में बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी अभिभावकों की बात मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी से मांग की है कि स्कूल में जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए अन्यथा लोगों को मजबूरन विभाग के खिलाफ लामबंद होना पड़ेगा। शिक्षा उपनिदेशक कुलवंत पठानिया ने कहा कि शिक्षकों के खाली पदों के लिए साक्षात्कार 9 अप्रैल से रखे गए हैं। इसके बाद स्कूलों में खाली पदों को भरा जाएगा।
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