{"_id":"68dfdc7929194466c2063e48","slug":"kcc-bank-loan-scam-enforcement-directorate-scrutinizing-documents-submitted-by-bank-management-know-more-2025-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"KCC Bank Loan Scam: बैंक प्रबंधन के सौंपे गए दस्तावेजों को खंगाल रहा प्रवर्तन निदेशालय, जानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
KCC Bank Loan Scam: बैंक प्रबंधन के सौंपे गए दस्तावेजों को खंगाल रहा प्रवर्तन निदेशालय, जानें
Sat, 04 Oct 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:00 AM IST
सार
KCC Bank Loan Scam: कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड धर्मशाला की ओर से वन टाइम सेटलमेंट योजना में माफ किए 24 करोड़ रुपये के केस की ईडी जांच कर रही है। ईडी ने नोटिस जारी कर बैंक प्रबंधन को मामले से जुड़ा पूरा रिकाॅर्ड 26 सितंबर तक उपलब्ध करवाने को कहा था। ऐसे में अब रिकाॅर्ड खंगालने के बाद ईडी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिमला ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड धर्मशाला की ओर से वन टाइम सेटलमेंट योजना में माफ किए 24 करोड़ रुपये के केस की जांच तेज कर दी है। बैंक प्रबंधन ने ईडी के शिमला स्थित कार्यालय में जांच टीम को मामले से जुड़ा अहम रिकाॅर्ड भी उपलब्ध करवाया है। इस दौरान 3 अधिकारियों से पूछताछ की गई है।
विज्ञापन
ईडी ने नोटिस जारी कर बैंक प्रबंधन को मामले से जुड़ा पूरा रिकाॅर्ड 26 सितंबर तक उपलब्ध करवाने को कहा था। ऐसे में अब रिकाॅर्ड खंगालने के बाद ईडी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी। जांच के लिए टीम बैंक का निरीक्षण भी कर सकती है। प्रवर्तन निदेशालय की टीमयह मामला पालमपुर स्थित एक होटल से जुड़ा है, जिसमें बैंक ने 45 करोड़ रुपये के ऋण को 24 करोड़ की भारी छूट देकर सिर्फ 21 करोड़ रुपये में निपटा दिया था।
विज्ञापन
यह होटल वर्तमान में कांग्रेस के एक नेता के स्वामित्व में है। हालांकि अभी ईडी की जांच होटल के पुराने मालिक पर केंद्रित है, जिससे ऋण वसूली की जानी थी। गौरतलब है कि आरबीआई और नाबार्ड भी पूर्व में कई बार केसीसी बैंक प्रबंधन को नियमों की अवहेलना पर नोटिस जारी कर चुका है। ऐसे में यदि ईडी जांच में किसी तरह की अनियमितताओं के तथ्य पाए जाते हैं तो तत्कालीन बैंक अधिकारियों की दिक्कत बढ़ सकती है।
विज्ञापन