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Kangra News: एक्सरे मशीन 10 दिन बाद भी नहीं हुई ठीक, मरीज बेहाल
Mon, 12 May 2025 01:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 12 May 2025 01:08 AM IST
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टांडा (कांगड़ा)। प्रदेश के पांच जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में रेडियोलॉजी विभाग की एक्सरे मशीन पिछले 10 दिन से खराब पड़ी है। दो में से एक मशीन बंद होने से सारा दबाव दूसरी मशीन पर आ गया है, जिससे रोजाना करीब 800 से 900 मरीजों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। इस स्थिति से सबसे ज़्यादा परेशान बुजुर्ग और गंभीर रोगी हो रहे हैं, जिन्हें घंटों लाइन में खड़े रहना मुश्किल हो रहा है।
भीड़ बढ़ने से अस्पताल परिसर में अव्यवस्था फैल रही है और सुरक्षा कर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। सरकारी मशीनें काम न करने के चलते कई मरीजों को मजबूरन निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे दामों पर एक्सरे करवाना पड़ रहा है। इससे गरीब और ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार तकनीशियन पिछले हफ्ते मशीन ठीक करने आए थे, लेकिन कुछ जरूरी पार्ट्स खराब होने के कारण मरम्मत पूरी नहीं हो पाई। मरीजों और तीमारदारों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि मशीन की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए और भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई जाए।
जैसे ही नया पार्ट आएगा, मशीन को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
डॉ. विवेक बनयाल, चिकित्सा अधीक्षक, टांडा मेडिकल कॉलेज
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भीड़ बढ़ने से अस्पताल परिसर में अव्यवस्था फैल रही है और सुरक्षा कर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। सरकारी मशीनें काम न करने के चलते कई मरीजों को मजबूरन निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे दामों पर एक्सरे करवाना पड़ रहा है। इससे गरीब और ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार तकनीशियन पिछले हफ्ते मशीन ठीक करने आए थे, लेकिन कुछ जरूरी पार्ट्स खराब होने के कारण मरम्मत पूरी नहीं हो पाई। मरीजों और तीमारदारों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि मशीन की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए और भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई जाए।
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जैसे ही नया पार्ट आएगा, मशीन को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े।
डॉ. विवेक बनयाल, चिकित्सा अधीक्षक, टांडा मेडिकल कॉलेज