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Kangra News: जंगल की आग बुझाने गई महिला खाई में गिरी, पीजीआई रेफर
Tue, 18 Jun 2024 03:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 18 Jun 2024 03:03 AM IST
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नगरी (कांगड़ा)। नगरी के राखा में जंगल की आग बुझाते एक ग्रामीण महिला 200 फीट गहरी खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला का पहले टांडा मेडिकल काॅलेज पहुंचाया गया। महिला की हालत को देखते हुए वहां से उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। वन विभाग की आग बुझाने में सहायता करते हुए यह महिला गंभीर घायल हो गई, लेकिन अब इसके इलाज के लिए शासन-प्रशासन से कोई सामने नहीं आ रहा है। नगरी के गांव राख की रहने वाली पिंकी देवी पत्नी रवि कुमार की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। वह इस समय पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है।
15 जून को उनके गांव के नजदीक जंगल में आग लगी हुई थी, जिसे बुझाने के लिए पिंकी देवी अपने साथ गांव की दो अन्य महिलाओं बिमला और श्रेष्ठा के साथ आग बुझाने जंगल पहुंची थीं। उनके साथ आग बुझाने के लिए मौके पर फॉरेस्ट गार्ड भी थे। इन साहसी महिलाओं ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग बुझाने में अपना सहयोग दिया और अंत में आग बुझाने में सफल हुए, लेकिन उसी समय पिंकी देवी का पैर फिसलने से वह 200 फीट नीचे खाई में जा गिरी। जिसकी वजह से उनकी रीढ़ की हड्डी सहित अन्य अंगों को नुकसान हुआ है। जिसका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। इनका परिवार दिहाड़ी-मजदूरी कर घर का खर्चा चला रहा है। पीजीआई में उपचार करना पैसों के अभाव के कारण मुश्किल है।
पति ने सरकार और विभाग से मांगी मदद
पिंकी के पति रवि ने कहा कि हिमाचल सरकार और वन विभाग से गुजारिश की है कि इस साहसी महिला की जिंदगी के लिए विभाग से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि आने वाले समय में गांव के अन्य लोग इस तरह की आपदा प्रबंधन में अपना योगदान दें।
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15 जून को उनके गांव के नजदीक जंगल में आग लगी हुई थी, जिसे बुझाने के लिए पिंकी देवी अपने साथ गांव की दो अन्य महिलाओं बिमला और श्रेष्ठा के साथ आग बुझाने जंगल पहुंची थीं। उनके साथ आग बुझाने के लिए मौके पर फॉरेस्ट गार्ड भी थे। इन साहसी महिलाओं ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग बुझाने में अपना सहयोग दिया और अंत में आग बुझाने में सफल हुए, लेकिन उसी समय पिंकी देवी का पैर फिसलने से वह 200 फीट नीचे खाई में जा गिरी। जिसकी वजह से उनकी रीढ़ की हड्डी सहित अन्य अंगों को नुकसान हुआ है। जिसका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। इनका परिवार दिहाड़ी-मजदूरी कर घर का खर्चा चला रहा है। पीजीआई में उपचार करना पैसों के अभाव के कारण मुश्किल है।
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पति ने सरकार और विभाग से मांगी मदद
पिंकी के पति रवि ने कहा कि हिमाचल सरकार और वन विभाग से गुजारिश की है कि इस साहसी महिला की जिंदगी के लिए विभाग से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि आने वाले समय में गांव के अन्य लोग इस तरह की आपदा प्रबंधन में अपना योगदान दें।
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