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वेलनेस सेेंटर्स को मिलेंगे दो-दो टीबी चैंपियन : डीसी
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धर्मशाला। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि टीबी मुक्त हिमाचल संकल्प को पूरा करने के लिए कांगड़ा जिला के हेल्थ वेलनेस केद्रों पर दो-दो टीबी चैंपियन तैनात किए जाएंगे, ताकि ग्राम स्तर पर टीबी रोगियों की उचित देखभाल के साथ साथ सुचारू उपचार भी सुनिश्चित किया जा सके। मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में जिला स्तरीय टीबी फोरम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि टीबी रोगियों की पहचान और बेहतर उपचार के लिए मेडिकल ऑफिसर उनके घर द्वार पर तीन सप्ताह में एक बार चेकअप के लिए जाएंगे।
इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी टीबी रोगियों के उपचार के लिए सुचारू व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि टीबी रोगियों को ठीक किया जा सके। बैरवा ने कहा कि 16वें वित्तायोग के तहत ग्राम पंचायतों को भी टीबी रोगियों के लिए दस-दस हजार तक की राशि खर्च करने के लिए निर्देश दिए गए थे। इस बाबत पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा गया है। निक्षय मित्र बनाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है और रेडक्रास सोसायटी निक्षय मित्र की भूमिका में टीबी रोगियों को खाद्य सामग्री किट्स वितरित करने के लिए पहल करेगी। इसके साथ ही नागरिकों को भी निक्षय मित्र बनने का आग्रह किया जाएगा ताकि टीबी मुक्त कांगड़ा जिला के संकल्प को पूरा किया जा सके। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला की बीस प्रतिशत पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर भी टीबी फोरम की बैठकें नियमित तौर पर आयोजित करने के दिशा निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक माह की 24 तारीख को स्वास्थ्य खंड स्तर पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा।
इससे पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि प्रत्येक माह एक रविवार को 32 जोखिमपूर्ण आबादी में टीबी रोग का पता लगाने लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से के संडे एसीएफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 14190 लोगों की जांच की जा चुकी है।
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मुख्यमंत्री क्षय रोग योजना के तहत टीबी मरीजों की जेब का खर्चा कम करने के लिए उन्हें निःशुल्क सीटी स्कैन, एमआरआई की सुविधा दी जा रही है। टीबी से अनाथ बच्चों के लिए जिला प्रशासन द्वारा संवेदना किट दी जा रही है। बैठक का संचालन करते हुए डॉ. राजेश सूद जिला स्वास्थ्य व क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी जिला कांगड़ा ने बताया कि जिला में टीबी के रोगी की पहचान उपरांत उपचार सफलता की दर लगभग 86 प्रतिशत है और व्यस्क टीबी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 16 जुलाई तक लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
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इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी टीबी रोगियों के उपचार के लिए सुचारू व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि टीबी रोगियों को ठीक किया जा सके। बैरवा ने कहा कि 16वें वित्तायोग के तहत ग्राम पंचायतों को भी टीबी रोगियों के लिए दस-दस हजार तक की राशि खर्च करने के लिए निर्देश दिए गए थे। इस बाबत पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा गया है। निक्षय मित्र बनाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है और रेडक्रास सोसायटी निक्षय मित्र की भूमिका में टीबी रोगियों को खाद्य सामग्री किट्स वितरित करने के लिए पहल करेगी। इसके साथ ही नागरिकों को भी निक्षय मित्र बनने का आग्रह किया जाएगा ताकि टीबी मुक्त कांगड़ा जिला के संकल्प को पूरा किया जा सके। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला की बीस प्रतिशत पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर भी टीबी फोरम की बैठकें नियमित तौर पर आयोजित करने के दिशा निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक माह की 24 तारीख को स्वास्थ्य खंड स्तर पर निक्षय दिवस मनाया जाएगा।
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इससे पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि प्रत्येक माह एक रविवार को 32 जोखिमपूर्ण आबादी में टीबी रोग का पता लगाने लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से के संडे एसीएफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 14190 लोगों की जांच की जा चुकी है।
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मुख्यमंत्री क्षय रोग योजना के तहत टीबी मरीजों की जेब का खर्चा कम करने के लिए उन्हें निःशुल्क सीटी स्कैन, एमआरआई की सुविधा दी जा रही है। टीबी से अनाथ बच्चों के लिए जिला प्रशासन द्वारा संवेदना किट दी जा रही है। बैठक का संचालन करते हुए डॉ. राजेश सूद जिला स्वास्थ्य व क्षय रोग उन्मूलन अधिकारी जिला कांगड़ा ने बताया कि जिला में टीबी के रोगी की पहचान उपरांत उपचार सफलता की दर लगभग 86 प्रतिशत है और व्यस्क टीबी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 16 जुलाई तक लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।