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Kangra News: चैत्र नवरात्रि पर ज्वालामुखी में दिखा शक्ति, संगीत और नृत्य का अनूठा मिलन
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शक्तिपीठ ज्वालामुखी मन्दिर में शक्ति महोत्सव के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार।
सचित्र-
मंदिर की परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए राष्ट्रीय संगीत अकादमी ने करवाया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। देश में मंदिर परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए संगीत नाटक अकादमी संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार संस्था की ओर से कला प्रवाह शृंखला के तहत पवित्र चैत्र नवरात्रि के दौरान शक्ति, संगीत और नृत्य का त्योहार शीर्षक के तहत उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्रि नौ देवियों की शक्ति का प्रतीक है, इसलिए अकादमी 9 से 17 अप्रैल तक देश के विभिन्न हिस्सों में सात अलग-अलग शक्तिपीठों पर शक्ति शीर्षक के तहत मंदिर परंपराओं का जश्न के लिए त्योहार आयोजित कर रही है। कार्यक्रम की संकल्पना अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने 9 दिवसीय उत्सव नवरात्रि को ध्यान में रखते हुए की। नव दुर्गा का यह महोत्सव डॉ. रीता स्वामी चौधरी उप सचिव संगीत और अध्यक्षा डॉ. संध्या पुरेचा की उपस्थिति में ज्वालामुखी शक्तिपीठ मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से परिसर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी, जिसमें शिमला के जीत राम शर्मा ने हिंदुस्तानी स्वर संगीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के रतन चंद ने केयूडी नृत्य और चंडीगढ़ से सुचित्रा मित्रा ने भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आकर्षण का केंद्र गुजरात की नूपुर नृत्या की ओर से प्रस्तुत गरबा रहा। संगीत नाट्य अकादमी की अध्यक्ष डॉ संध्या पुरेचा ने बताया कि भगवान श्री राम के मंदिर बनने पर कला महोत्सव की शुरुआत की गई थी। इन चैत्र नवरात्रों में 9 देवियों के शक्तिपीठों में मंदिर महोत्सव शृंखला शक्ति शुरू की गई। शनिवार को शक्तिपीठ ज्वालामुखी में इसका सफल आयोजन हुआ। इस शक्ति शृंखला में भक्ति है, नृत्य, संगीत, लोक नृत्य है। इससे लोगों को जागरूक किया जा रहा है और मंदिरों के प्रति उनकी आस्था को और गूढ़ किया जा रहा है। यह सदियों पुरानी परंपरा है और मंदिरों में शक्ति, भक्ति, गीत संगीत कार्यक्रम होते आते थे। यह परंपरा कहीं लुप्त हो रही थी तो अपनी संस्कृति को जागरूक, पुनर्जीवित और पुनर्स्थापन करने के लिए इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
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मंदिर की परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए राष्ट्रीय संगीत अकादमी ने करवाया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। देश में मंदिर परंपराओं को पुनर्जीवित करने के लिए संगीत नाटक अकादमी संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार संस्था की ओर से कला प्रवाह शृंखला के तहत पवित्र चैत्र नवरात्रि के दौरान शक्ति, संगीत और नृत्य का त्योहार शीर्षक के तहत उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्रि नौ देवियों की शक्ति का प्रतीक है, इसलिए अकादमी 9 से 17 अप्रैल तक देश के विभिन्न हिस्सों में सात अलग-अलग शक्तिपीठों पर शक्ति शीर्षक के तहत मंदिर परंपराओं का जश्न के लिए त्योहार आयोजित कर रही है। कार्यक्रम की संकल्पना अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा ने 9 दिवसीय उत्सव नवरात्रि को ध्यान में रखते हुए की। नव दुर्गा का यह महोत्सव डॉ. रीता स्वामी चौधरी उप सचिव संगीत और अध्यक्षा डॉ. संध्या पुरेचा की उपस्थिति में ज्वालामुखी शक्तिपीठ मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से परिसर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी, जिसमें शिमला के जीत राम शर्मा ने हिंदुस्तानी स्वर संगीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के रतन चंद ने केयूडी नृत्य और चंडीगढ़ से सुचित्रा मित्रा ने भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आकर्षण का केंद्र गुजरात की नूपुर नृत्या की ओर से प्रस्तुत गरबा रहा। संगीत नाट्य अकादमी की अध्यक्ष डॉ संध्या पुरेचा ने बताया कि भगवान श्री राम के मंदिर बनने पर कला महोत्सव की शुरुआत की गई थी। इन चैत्र नवरात्रों में 9 देवियों के शक्तिपीठों में मंदिर महोत्सव शृंखला शक्ति शुरू की गई। शनिवार को शक्तिपीठ ज्वालामुखी में इसका सफल आयोजन हुआ। इस शक्ति शृंखला में भक्ति है, नृत्य, संगीत, लोक नृत्य है। इससे लोगों को जागरूक किया जा रहा है और मंदिरों के प्रति उनकी आस्था को और गूढ़ किया जा रहा है। यह सदियों पुरानी परंपरा है और मंदिरों में शक्ति, भक्ति, गीत संगीत कार्यक्रम होते आते थे। यह परंपरा कहीं लुप्त हो रही थी तो अपनी संस्कृति को जागरूक, पुनर्जीवित और पुनर्स्थापन करने के लिए इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।