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Kangra News: बड़ा भंगाल में फंसीं साढ़े तीन हजार भेड़-बकरियां और 90 घोड़े
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बैजनाथ (कांगड़ा)। मौसम का मिजाज अचानक बदलने और पहाड़ियों पर समय से पहले हुई बर्फवारी के कारण बड़ा भंगाल का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। रास्ते के आवाजाही के लिए बंद हो जाने से निचले क्षेत्र के आठ डेरों की करीब साढ़े तीन हजार भेड़-बकरियां और 90 घोड़े रास्ते में ही फंस गए हैं। कुछ भेड़पालक थमसर जोत को पार करने के बाद आगे के रास्ते पर हुई बर्फबारी के कारण परनेहटू में रुके हुए हैं।
थमसर जोत के पीछे भेड़ पालकों को अब तीन दिन का अतिरिक्त लंबा रास्ता तय करके जालसू जोत से होकर आना पड़ेगा। मौसम के अनुकूल रहने पर अब इन भेड़ पालकों को एक सप्ताह का लंबा पैदल रास्ता तय करना पड़ेगा। अधिकांश भेड़ पालक सायर उत्सव के समय निचले क्षेत्रों में आ जाते हैं, लेकिन इस बार रास्ते के क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ भेड़ पालक अभी भी थमसर जोत को पार नहीं कर पाए थे। किसान सभा के तहसील कमेटी अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया ने प्रशासन से भेड़ पालकों और पशुधन की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करने और इनकी सुरक्षा के लिए पर्वतारोहण के दल की सहायता लेने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि भेड़ पालकों के साथ संपर्क करके रास्ते को लेकर उनका मार्गदर्शन करने से दुर्घटना को रोका जा सकता है। एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि बड़ा भंगाल में पर्याप्त राशन उपलब्ध है और भेड़ पालकों के साथ संपर्क किया जा रहा है। बुधवार तक सही स्थिति का पता चलने की उम्मीद है। बड़ा भंगाल के प्रधान मनसा राम ने भेड़ पालकों की सहायता के लिए प्रशासन से आग्रह किया है।
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अप्रैल तक बंद हो जाएगा रास्ता
बर्फवारी के कारण अब बड़ा भंगाल का रास्ता अप्रैल तक बंद हो जाएगा। सर्दियों के मौसम में इस दुर्गम पंचायत में 50 के करीब लोग ही रहते हैं, जबकि अन्य बीड़ और उसके आसपास के गांवों में आ जाते हैं। पंचायत का स्कूल भी सर्दियों में बीड़ में ही चलता है।
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थमसर जोत के पीछे भेड़ पालकों को अब तीन दिन का अतिरिक्त लंबा रास्ता तय करके जालसू जोत से होकर आना पड़ेगा। मौसम के अनुकूल रहने पर अब इन भेड़ पालकों को एक सप्ताह का लंबा पैदल रास्ता तय करना पड़ेगा। अधिकांश भेड़ पालक सायर उत्सव के समय निचले क्षेत्रों में आ जाते हैं, लेकिन इस बार रास्ते के क्षतिग्रस्त होने के कारण कुछ भेड़ पालक अभी भी थमसर जोत को पार नहीं कर पाए थे। किसान सभा के तहसील कमेटी अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया ने प्रशासन से भेड़ पालकों और पशुधन की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी करने और इनकी सुरक्षा के लिए पर्वतारोहण के दल की सहायता लेने का आग्रह किया है।
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उन्होंने कहा कि भेड़ पालकों के साथ संपर्क करके रास्ते को लेकर उनका मार्गदर्शन करने से दुर्घटना को रोका जा सकता है। एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि बड़ा भंगाल में पर्याप्त राशन उपलब्ध है और भेड़ पालकों के साथ संपर्क किया जा रहा है। बुधवार तक सही स्थिति का पता चलने की उम्मीद है। बड़ा भंगाल के प्रधान मनसा राम ने भेड़ पालकों की सहायता के लिए प्रशासन से आग्रह किया है।
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अप्रैल तक बंद हो जाएगा रास्ता
बर्फवारी के कारण अब बड़ा भंगाल का रास्ता अप्रैल तक बंद हो जाएगा। सर्दियों के मौसम में इस दुर्गम पंचायत में 50 के करीब लोग ही रहते हैं, जबकि अन्य बीड़ और उसके आसपास के गांवों में आ जाते हैं। पंचायत का स्कूल भी सर्दियों में बीड़ में ही चलता है।