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Kangra News: अल्ट्रासाउंड और एमआरआई के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार

Mon, 25 Aug 2025 05:31 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 05:31 PM IST
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There is a long wait for ultrasound and MRI
अल्ट्रासाउंड और एमआरआई के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार
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टांडा मेडिकल कॉलेज में उपकरणों की कमी से मरीज परेशान
अस्पताल में प्रतिदिन होती है 5000 से ज्यादा की ओपीडी

संवाद न्यूज एजेंसी

कांगड़ा। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान टांडा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा उपकरणाें की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। टांडा अस्पताल में इस समय एक एक्सरे, दाे अल्ट्रासाउंड, एक एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन है, जाे ओपीडी के मुताबिक बहुत कम हैं। अस्पताल में प्रतिदिन पांच हजार से अधिक की ओपीडी रहती है और यहां 6-7 जिलों के लाेग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं।

हालात ये हैं कि अस्पताल में मरीजाें काे सीटी स्कैन करवाने के लिए दो माह, एमआरआई के लिए ढाई से तीन और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए एक से डेढ़ माह की तारीख दी जा रही है। इससे मरीजों का मर्ज और बढ़ रहा है। इसके साथ ही एक्सरे करवाने के लिए भी लाेगाें की लंबी-लंबी कतारें लगी हाेती हैं। पहले अस्पताल में दाे एक्सरे मशीनें थीं लेकिन एक मशीन खराब हाेने की वजह से एक ही मशीन से लाेगाें के एक्सरे किए जा रहे हैं। वहीं, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन की रिपाेर्ट के लिए भी मरीजाें काे तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता है। दूरदराज के क्षेत्राें से आए मरीजाें अशाेक कुमार, प्रवीण सिंह, किशाेरी लाल, कांता देवी, स्वर्णा कुमारी और शांति देवी का कहना है कि पहले अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने के लिए लंबी तिथि मिलती है और उसके बाद फिर समय और पैसा खर्च करके तीन बाद रिपाेर्ट लेने के लिए टांडा जाना पड़ता है। इससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है।
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टांडा मेडिकल कॉलेज में उपकरणाें की समस्या ध्यान में है। उपकरणाें काे इंस्टॉल करने के लिए जगह और स्टाफ की जरूरत है जाे सबसे बड़ी समस्या है। हम अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और सीटी स्कैन की अतिरिक्त मशीनें लगाते हैं, ताे उसके लिए अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत हाेगी। यही कारण है कि टांडा में अतिरिक्त उपकरण स्थापित नहीं किए जा सकते और मरीजाें काे लंबी तिथियां दी जाती हैं।
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-डॉ. विवेक बनियाल, चिकित्सा अधीक्षक टांडा मेडिकल काॅलेज
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