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क्यारी बंगला में होटल मेघदूत को बेचने का चल रहा खेल : संजय

Wed, 06 Aug 2025 08:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Aug 2025 08:47 PM IST
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There is a game going on to sell Hotel Meghdoot in Kyari Bungalow: Sanjay
धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा और विश्व चक्षु। -संवाद
धर्मशाला। क्यारी बंगला स्थित होटल मेघदूत को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी को लेकर भाजपा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने मंगलवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि पर्यटन निगम के होटलों को चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने की मंशा से बेचा जा रहा है।
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भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा व प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि होटल मेघदूत, जिसे पहले एप्पल कार्ट इन के नाम से जाना जाता था में बेहतरीन निर्माण कार्य हुआ है। यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा शिलान्यास और जयराम ठाकुर द्वारा उद्घाटन के बाद शुरू हुई थी। इसके बावजूद इसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है।
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संजय शर्मा ने कहा कि 2021 में एक दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी ने होटल की खरीद के लिए 1.5 करोड़ की बोली लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अब उसी कंपनी ने 2025 में 2.5 करोड़ की संशोधित बोली लगाई है, जिसे पर्यटन निगम सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि नई निविदाएं क्यों नहीं मांगी गईं और पारदर्शी प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई जा रही।
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एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के तहत होटल के रेनोवेशन के लिए जो बजट आया था, वह किसी निजी इकाई को नहीं सौंपने की शर्त पर स्वीकृत हुआ था। बावजूद इसके सरकार अब उसे निजी कंपनी को देने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि नादौन और देहरा में 50-50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले होटलों की आधार योजना क्या है और कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने को लेकर सरकार की क्या कार्ययोजना है।

संजय शर्मा ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए वह हिमाचल फॉर सेल का नारा लगाते थे, लेकिन सत्ता में आकर वही काम खुद कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 30 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने जमा नहीं करवाए, जिससे केंद्र सरकार के 250 करोड़ रुपये अटके पड़े हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम से पूछा कि क्या वाकई में हिमाचल को बेचना ही अब सरकार की प्राथमिकता बन गया है।
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