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बोर्ड के पढ़ाए परीक्षा शुल्क का मुख्याध्यापक-प्रधानाचार्य संघ ने किया विरोध
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पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश मुख्याध्यापक, प्रधानाचार्य और निरीक्षण संवर्ग अधिकारी संघ ने स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है।
संघ का कहना है कि इस बढ़ी हुई फीस से स्कूल के मुखियाओं को बच्चों के अभिभावकों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि कोरोना काल में ऐसी बढ़ोतरी सही नहीं है, जबकि सरकारी स्कूलों में गरीब से लेकर आम आदमी का बच्चा पढ़ाई कर रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय गौतम, कार्यकारी
अध्यक्ष विजय परमार, महासचिव ध्रुव पटियाल, वरिष्ठ उपप्रधान गजेंद्र ठाकुर, जिला अध्यक्ष रतन वर्मा, राज कुमार शर्मा, दिले मोहम्मद, दिलबाग सिंह, प्रवीण गुलेरिया, हरिनारायण, कमल किशोर, सुरेंद्र कुमार और सुरेश ठाकुर ने कहा है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र निर्धन और अति निर्धन परिवारों से संबंध रखते हैं और कोरोना काल में की गई इस प्रकार की शुल्क में बढ़ोतरी उचित नहीं है। इससे बच्चों के अभिभावकों में रोष है। विद्यालय कि मुखियाओं को अभिभावकों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैसे भी परीक्षा से संबंधित बहुत सारा कार्य विद्यालयों में अध्यापकों की ओर से किया जाता है। लिहाजा, संघ की मांग है कि इस प्रकार की गई बढ़ोतरी को तुरंत शिक्षा बोर्ड वापस ले।
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संघ का कहना है कि इस बढ़ी हुई फीस से स्कूल के मुखियाओं को बच्चों के अभिभावकों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि कोरोना काल में ऐसी बढ़ोतरी सही नहीं है, जबकि सरकारी स्कूलों में गरीब से लेकर आम आदमी का बच्चा पढ़ाई कर रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय गौतम, कार्यकारी
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अध्यक्ष विजय परमार, महासचिव ध्रुव पटियाल, वरिष्ठ उपप्रधान गजेंद्र ठाकुर, जिला अध्यक्ष रतन वर्मा, राज कुमार शर्मा, दिले मोहम्मद, दिलबाग सिंह, प्रवीण गुलेरिया, हरिनारायण, कमल किशोर, सुरेंद्र कुमार और सुरेश ठाकुर ने कहा है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र निर्धन और अति निर्धन परिवारों से संबंध रखते हैं और कोरोना काल में की गई इस प्रकार की शुल्क में बढ़ोतरी उचित नहीं है। इससे बच्चों के अभिभावकों में रोष है। विद्यालय कि मुखियाओं को अभिभावकों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैसे भी परीक्षा से संबंधित बहुत सारा कार्य विद्यालयों में अध्यापकों की ओर से किया जाता है। लिहाजा, संघ की मांग है कि इस प्रकार की गई बढ़ोतरी को तुरंत शिक्षा बोर्ड वापस ले।
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