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Kangra News: दस पद खाली, 15 किमी दूर पढ़ने जा रहे विद्यार्थी
Wed, 09 Sep 2026 03:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 09 Sep 2026 03:42 AM IST
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धीरा (कांगड़ा)। सुलह विधानसभा क्षेत्र के चंगर इलाके के सीनियर सेकेंडरी स्कूल रझूं में स्टाफ की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भारी पड़ रही है।
रझूं, गदियाड़ा, झरेट और चंबी पंचायतों के विद्यार्थियों के लिए एकमात्र वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के 10 पद खाली हैं। इनमें कॉमर्स प्रवक्ता के दो, टीजीटी आर्ट्स, संस्कृत अध्यापक और कंप्यूटर साइंस के एक-एक पद शामिल हैं।
इसके अलावा प्रयोगशाला सहायक, वरिष्ठ सहायक, क्लर्क और दो चपरासी के पद भी रिक्त हैं। कॉमर्स प्रवक्ता, कंप्यूटर साइंस और संस्कृत अध्यापक के पद दो साल से खाली चल रहे हैं।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से पद रिक्त होने के बावजूद इन्हें भरने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। स्कूल में इस समय करीब 150 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है।
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अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए करीब 15 किलोमीटर दूर धीरा या नगरोटा बगवां जाना पड़ रहा है। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और विद्यार्थियों का आने-जाने में समय भी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द सभी रिक्त पद भरने की मांग की है।
स्कूल के प्रधानाचार्य पवन धीमान ने बताया कि स्कूल में शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के खाली 10 पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
सरकार शिक्षा व्यवस्था संभालने में विफल : परमार
सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। वर्तमान कांग्रेस सरकार इसमें विफल रही है। स्टाफ की कमी के संबंध में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी।
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रझूं, गदियाड़ा, झरेट और चंबी पंचायतों के विद्यार्थियों के लिए एकमात्र वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों के 10 पद खाली हैं। इनमें कॉमर्स प्रवक्ता के दो, टीजीटी आर्ट्स, संस्कृत अध्यापक और कंप्यूटर साइंस के एक-एक पद शामिल हैं।
इसके अलावा प्रयोगशाला सहायक, वरिष्ठ सहायक, क्लर्क और दो चपरासी के पद भी रिक्त हैं। कॉमर्स प्रवक्ता, कंप्यूटर साइंस और संस्कृत अध्यापक के पद दो साल से खाली चल रहे हैं।
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स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से पद रिक्त होने के बावजूद इन्हें भरने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। स्कूल में इस समय करीब 150 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है।
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अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए करीब 15 किलोमीटर दूर धीरा या नगरोटा बगवां जाना पड़ रहा है। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और विद्यार्थियों का आने-जाने में समय भी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द सभी रिक्त पद भरने की मांग की है।
स्कूल के प्रधानाचार्य पवन धीमान ने बताया कि स्कूल में शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के खाली 10 पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
सरकार शिक्षा व्यवस्था संभालने में विफल : परमार
सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। वर्तमान कांग्रेस सरकार इसमें विफल रही है। स्टाफ की कमी के संबंध में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी।