{"_id":"6888b996eed06ae0ad097ff5","slug":"tb-screening-of-vulnerable-population-is-necessary-dr-rajesh-kangra-news-c-95-1-kng1002-188307-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"जोखिमपूर्ण आबादी की टीबी स्क्रीनिंग जरूरी : डॉ. राजेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जोखिमपूर्ण आबादी की टीबी स्क्रीनिंग जरूरी : डॉ. राजेश
Wed, 30 Jul 2025 05:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 30 Jul 2025 05:37 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला कांगड़ा में सभी उच्च जोखिम वाली आबादी की एक्स-रे और साइट टीबी टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी, ताकि अधिकतम जनसंख्या को जांच, उपचार और रोकथाम सेवाएं प्रदान की जा सकें। यह बात जिला स्वास्थ्य एवं टीबी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने कही।
वह मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के सभागार में सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक का संचालन करते हुए डॉ. राजेश सूद ने बताया कि एक्सटेंडेड टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए समुदाय की भागीदारी को मुख्य रणनीति के रूप में अपनाया गया है।
उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र बनकर कोई भी व्यक्ति टीबी मरीज के जीवन में उम्मीद की किरण ला सकता है। सीएमओ डॉ. गुलेरी ने बीएमओ को निर्देश दिए कि बुजुर्ग, मधुमेह, कुपोषण, धूम्रपान करने वाले और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही निजी अस्पतालों को अभियान से जोड़ते हुए एक्स-रे और सीबी-नॉट टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिन लोगों में लक्षण नहीं मिलते और एक्स-रे सामान्य आता है, उन्हें टीबी रोकथाम के लिए मुफ्त टीपीटी दी जाएगी। बैठक में बताया गया कि जिला कांगड़ा रेडक्रॉस की ओर से 50 पोषण किटें भेंट की गई हैं, जो टीबी मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में मददगार होंगी।
विज्ञापन
वह मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के सभागार में सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक का संचालन करते हुए डॉ. राजेश सूद ने बताया कि एक्सटेंडेड टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए समुदाय की भागीदारी को मुख्य रणनीति के रूप में अपनाया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र बनकर कोई भी व्यक्ति टीबी मरीज के जीवन में उम्मीद की किरण ला सकता है। सीएमओ डॉ. गुलेरी ने बीएमओ को निर्देश दिए कि बुजुर्ग, मधुमेह, कुपोषण, धूम्रपान करने वाले और एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही निजी अस्पतालों को अभियान से जोड़ते हुए एक्स-रे और सीबी-नॉट टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिन लोगों में लक्षण नहीं मिलते और एक्स-रे सामान्य आता है, उन्हें टीबी रोकथाम के लिए मुफ्त टीपीटी दी जाएगी। बैठक में बताया गया कि जिला कांगड़ा रेडक्रॉस की ओर से 50 पोषण किटें भेंट की गई हैं, जो टीबी मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में मददगार होंगी।