{"_id":"621670fcc05a8666295348b7","slug":"tackle-the-threat-of-bird-flu-kangra-news-sml4005548119","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने को पशुपालन विभाग हुआ सचेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने को पशुपालन विभाग हुआ सचेत
विज्ञापन
धर्मशाला। महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद प्रदेश में बर्ड फ्लू के खतरे के अंदेशे को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। जिला कांगड़ा में पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने को लेकर पहले ही अस्पताल स्तर टीमों का गठन कर लिया है, ताकि बर्ड फ्लू आने की स्थिति में समस्या से आसानी से निपटा जा सके।
पशुपालन विभाग जिला कांगड़ा के उपनिदेशक डॉ. संजीव धीमान ने बताया कि जिला कांगड़ा में महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू की दस्तक देने के बाद पशुपालन विभाग ने अस्पताल स्तर पर टीमों का गठन कर दिया है। हालांकि जिला सहित प्रदेश में अभी तक बर्ड फ्लू का लेकर कोई भी मामला नहीं आया है, लेकिन विभाग की ओर से निरंतर पौंग बांध पर आए विदेशी परिंदों पर नजर रखी जा रही है।
पिछले साल पौंग बांध में हुई थी करीब पांच हजार विदेशी पक्षियों की मौत
साल 2021 में अचानक से पौंग बांध में विदेशी पक्षी मृत पाए जा रहे थे। इस पर जब जांच की गई तो उन पक्षियों में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि पाई गई थी। इस तरह पौंग बांध में बीते साल करीब पांच हजार पक्षियों की बर्ड फ्लू के कारण मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पशुपालन विभाग जिला कांगड़ा के उपनिदेशक डॉ. संजीव धीमान ने बताया कि जिला कांगड़ा में महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू की दस्तक देने के बाद पशुपालन विभाग ने अस्पताल स्तर पर टीमों का गठन कर दिया है। हालांकि जिला सहित प्रदेश में अभी तक बर्ड फ्लू का लेकर कोई भी मामला नहीं आया है, लेकिन विभाग की ओर से निरंतर पौंग बांध पर आए विदेशी परिंदों पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
पिछले साल पौंग बांध में हुई थी करीब पांच हजार विदेशी पक्षियों की मौत
साल 2021 में अचानक से पौंग बांध में विदेशी पक्षी मृत पाए जा रहे थे। इस पर जब जांच की गई तो उन पक्षियों में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि पाई गई थी। इस तरह पौंग बांध में बीते साल करीब पांच हजार पक्षियों की बर्ड फ्लू के कारण मौत हो गई थी।
विज्ञापन