{"_id":"69ca92817da54102d208270a","slug":"system-blunder-beneficiary-suman-money-released-to-someone-else-kangra-news-c-95-1-kng1024-226994-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम का ब्लंडर : लाभार्थी सुमन... पैसा किसी और को कर दिया जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम का ब्लंडर : लाभार्थी सुमन... पैसा किसी और को कर दिया जारी
Tue, 31 Mar 2026 08:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 31 Mar 2026 08:40 AM IST
विज्ञापन
लग पंचायत की सुमन कुमारी का खस्ताहाल कच्चा मकान। स्रोत : जागरूक पाठक
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। डिजिटल इंडिया के दौर में एक गलत क्लिक ने एक गरीब परिवार के आशियाने का सपना तोड़ कर रख दिया है। विकास खंड परागपुर की लग पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के क्रियान्वयन में बड़ा ब्लंडर सामने आया है। यहां पात्र लाभार्थी सुमन कुमारी के नाम स्वीकृत मकान की पहली किस्त लापरवाही से किसी दूसरे खंड के व्यक्ति के खाते में डाल दी।
पिछले डेढ़ साल से सुमन अपने हक की राशि के लिए पंचायत से लेकर खंड विकास कार्यालय तक के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे सिवाय आश्वासनों के कुछ हासिल नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार गांव स्वानता निवासी सुमन कुमारी पत्नी विजय कुमार के नाम करीब 18 महीने पहले मकान निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी।
सुमन ने समय पर पंचायत सचिव के पास तमाम दस्तावेज जमा करवाए और विभाग ने मकान की जगह का जियोटैगिंग भी कर दी। नियमतः इसके तुरंत बाद पहली किस्त जारी होनी थी, ताकि निर्माण शुरू हो सके। लेकिन सिस्टम की ऐसी जादूगरी हुई कि फाइल परागपुर की थी और भुगतान किसी दूसरे ब्लॉक के लाभार्थी को हो गया। आर्थिक रूप से कमजोर यह परिवार अब इस सरकारी भूल की सजा भुगत रहा है।
विज्ञापन
बरसात सिर पर, कच्चे मकान में डर का साया
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे खुद से पक्का मकान बनाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। अब चार महीने बाद हिमाचल में भारी बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। कच्चे और जर्जर मकान में रह रहे इस परिवार पर हर वक्त छत गिरने का खतरा मंडरा रहा है। सुमन का आरोप है कि दर्जनों बार गुहार लगाने के बाद भी विभाग अपनी गलती सुधारने में सुस्ती बरत रहा है।
तकनीकी खराबी के कारण सुमन कुमारी के नाम की राशि गलती से किसी अन्य विकास खंड के लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर हो गई है। हमने उच्चाधिकारियों को तकनीकी चूक के बारे में लिख दिया है। जैसे ही वहां से समाधान होगा, पीड़ित परिवार के खाते में राशि डाल दी जाएगी। -अशोक कुमार, बीडीओ, परागपुर
विज्ञापन
पिछले डेढ़ साल से सुमन अपने हक की राशि के लिए पंचायत से लेकर खंड विकास कार्यालय तक के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे सिवाय आश्वासनों के कुछ हासिल नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार गांव स्वानता निवासी सुमन कुमारी पत्नी विजय कुमार के नाम करीब 18 महीने पहले मकान निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी।
विज्ञापन
सुमन ने समय पर पंचायत सचिव के पास तमाम दस्तावेज जमा करवाए और विभाग ने मकान की जगह का जियोटैगिंग भी कर दी। नियमतः इसके तुरंत बाद पहली किस्त जारी होनी थी, ताकि निर्माण शुरू हो सके। लेकिन सिस्टम की ऐसी जादूगरी हुई कि फाइल परागपुर की थी और भुगतान किसी दूसरे ब्लॉक के लाभार्थी को हो गया। आर्थिक रूप से कमजोर यह परिवार अब इस सरकारी भूल की सजा भुगत रहा है।
विज्ञापन
बरसात सिर पर, कच्चे मकान में डर का साया
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे खुद से पक्का मकान बनाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। अब चार महीने बाद हिमाचल में भारी बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। कच्चे और जर्जर मकान में रह रहे इस परिवार पर हर वक्त छत गिरने का खतरा मंडरा रहा है। सुमन का आरोप है कि दर्जनों बार गुहार लगाने के बाद भी विभाग अपनी गलती सुधारने में सुस्ती बरत रहा है।
तकनीकी खराबी के कारण सुमन कुमारी के नाम की राशि गलती से किसी अन्य विकास खंड के लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर हो गई है। हमने उच्चाधिकारियों को तकनीकी चूक के बारे में लिख दिया है। जैसे ही वहां से समाधान होगा, पीड़ित परिवार के खाते में राशि डाल दी जाएगी। -अशोक कुमार, बीडीओ, परागपुर