{"_id":"69582848eac1ed8c8d0bcf85","slug":"sunset-casts-a-shadow-on-kangra-market-business-stalls-kangra-news-c-95-1-kng1037-213961-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: कांगड़ा बाजार पर अस्त का साया, कारोबार ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: कांगड़ा बाजार पर अस्त का साया, कारोबार ठप
विज्ञापन
कांगड़ा। ग्राहकों की आवाजाही से दिनभर गुलजार रहने वाला नेहरू चौक सूना नजर आ रहा है। कपड़े, जूते और मनियारी की मशहूर दुकानें ग्राहकों के बिना सूनी दिख रही हैं। नया वर्ष शुरू होने के बाद भी यहां व्यापारिक चहलकदमी में तेजी नहीं आई है। वैसे तो इसी नेहरू चौक से होकर शक्तिपीठ बज्रेश्वरी देवी के मंदिर को रास्ता जाता है। इस वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही तो जारी है लेकिन जिले के प्रमुख व्यापारिक कस्बे में रौनक गायब हो गई है। वजह साफ और स्पष्ट है कि आजकल त्योहार और विवाह शादियों का सीजन बंद है।
ज्योतिष भाषा में इसे अस्त कहा जाता है। अस्त की वजह से कपड़ों, मनियारी जैसी दुकानों का कामकाज इन दिनों ठप पड़ा हुआ है। शादियों का सीजन न होने से कपड़ों और ज्वैलरी बाजार भी मंदी के दौर से गुजर रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि अस्त खुलने के बाद कांगड़ा का बाजार फिर ग्राहकों की आवाजाही से गुलजार होगा।
मशहूर कपड़ा व्यापारी रमेश महेशी कहते हैं कि आजकल त्योहारी सीजन न होने के कारण कामकाज न के बराबर है। रोजमर्रा के ग्राहकों को छोड़ दें, तो शहर में व्यापारिक गतिविधियां एवरेज हैं। जूता व्यापारी शंकर गुप्ता का कहना है त्योहारी सीजन न होने से कामकाज मंदा है। वहीं, स्कूलों में भी छुट्टियों की वजह से बाजार में आवाजाही कम है। आभूषण विक्रेता श्याम वर्मा ने कहा कि विवाह-शादियों का सीजन न होने से बाजार में चहलकदमी कम है। सीजन शुरू होते ही शहर का व्यापार फिर अपने दौर में लौट आएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्योतिष भाषा में इसे अस्त कहा जाता है। अस्त की वजह से कपड़ों, मनियारी जैसी दुकानों का कामकाज इन दिनों ठप पड़ा हुआ है। शादियों का सीजन न होने से कपड़ों और ज्वैलरी बाजार भी मंदी के दौर से गुजर रहा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि अस्त खुलने के बाद कांगड़ा का बाजार फिर ग्राहकों की आवाजाही से गुलजार होगा।
विज्ञापन
मशहूर कपड़ा व्यापारी रमेश महेशी कहते हैं कि आजकल त्योहारी सीजन न होने के कारण कामकाज न के बराबर है। रोजमर्रा के ग्राहकों को छोड़ दें, तो शहर में व्यापारिक गतिविधियां एवरेज हैं। जूता व्यापारी शंकर गुप्ता का कहना है त्योहारी सीजन न होने से कामकाज मंदा है। वहीं, स्कूलों में भी छुट्टियों की वजह से बाजार में आवाजाही कम है। आभूषण विक्रेता श्याम वर्मा ने कहा कि विवाह-शादियों का सीजन न होने से बाजार में चहलकदमी कम है। सीजन शुरू होते ही शहर का व्यापार फिर अपने दौर में लौट आएगा। संवाद
विज्ञापन