Kangra: चक्की पुल की सुरक्षा के लिए अब स्लैब डालने और नया पिल्लर लगाने पर विचार
स्लैब से भी पुल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी, तो पुल के नीचे एक नया पिलर भी लगाया जा सकता है। केंद्र से मंगलवार को आई टीम ने निरीक्षण के बाद ये सुझाव दिए हैं।
विस्तार
पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्की खड्ड पर बने पुल की सुरक्षा के लिए अब स्लैब डाली जाएगी। स्लैब से भी पुल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकी, तो पुल के नीचे एक नया पिलर भी लगाया जा सकता है। केंद्र से मंगलवार को आई टीम ने निरीक्षण के बाद ये सुझाव दिए हैं। प्रोजेक्ट निदेशक अनिल सेन ने बताया कि पुल के बचाव के लिए सुदृढ़ योजना के लिए काम शुरू हो चुका है। जल्द ही पुल छोटे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। उपमंडल नूरपुर के कंडवाल स्थित चक्की पुल के निरीक्षण के लिए मंगलवार को एनएचएआई की केंद्रीय टीम और प्रोजेक्ट निदेशक कर्नल अनिल सेन मौके पर पहुंचे। इस दौरान एनएचआई के हेडक्वार्टर प्रोजेक्ट के सदस्य मनोज कुमार के नेतृत्व में चक्की पुल और पिलरों का औचक निरीक्षण किया गया।
पुल के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में कर्नल अनिल सेन ने बताया कि केंद्रीय टीम ने पुल और पिलरों का गहनता से निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि पुल को बचाने के लिए एनएचएआई विशेषज्ञों की राय के अनुसार केंद्रीय अधिकारियों की चर्चा के साथ आधुनिक तकनीक से कार्य करेगा। सेन ने बताया कि निर्माणाधीन पठानकोट-मंडी फोरलेन के तहत चक्की पुल के साथ एक नया पुल बनना भी प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि चक्की खड्ड में बाढ़ आने के कारण भूमि कटाव होने से पुल के पिलरों की नींव कई मीटर तक बाहर आ गई थी। इसे देखते हुए प्रस्तावित नए पुल के निर्माण के लिए खड्ड में आ रहे बदलावों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
अब तक क्या हुआ
20 अगस्त को चक्की खड्ड में बाढ़ आने के कारण रेलवे पुल के पिलर क्षतिग्रस्त होकर टूट गए थे। उसके बाद साथ में बने सड़क पुल के पिलर भी पानी से बाहर आ गए थे। इसे देखते हुए प्रशासन ने पुल को बंद कर दिया था। उसके बाद लगभग एक माह तक पुल के पिलरों को सुरक्षित रखने के लिए क्रेट वर्क और पानी को डायवर्ट करने का कार्य किया गया। इसके बाद पुल को वाहनों के लिए खोला गया। सितंबर महीने के अंत में खड्ड में बाढ़ से क्रेट वर्क फिर टूट गया। अब विभाग के लिए चिंता यह थी कि ऐसा कौन सा उपाय किया जाए जिससे पुल तथा पिलरों को बचाया जा सके।