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Kangra News: इलाज से पहले व्हीलचेयर के लिए संघर्ष
Tue, 19 May 2026 01:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 19 May 2026 01:43 AM IST
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-धर्मशाला अस्पताल में मरीजों-तीमारदारों को हुई परेशानी
-पीठ पर उठाकर डॉक्टर तक ले जाने पड़े मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में सोमवार को मरीजों और तीमारदारों को व्हीलचेयर नहीं मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर पर आपातकालीन वार्ड के बाहर एक भी व्हीलचेयर उपलब्ध न होने से मरीजों को सहारा देकर या पीठ पर उठाकर अस्पताल के विभिन्न विभागों तक ले जाना पड़ा।
अस्पताल पहुंचे लोगों रेखा देवी, कांता देवी, रमना देवी, अमन कुमार, परवेश कुमार, अमित और रमेश आदि ने बताया कि बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को इधर-उधर ले जाने के लिए उन्हें काफी देर तक व्हीलचेयर तलाशनी पड़ी। तीमारदारों ने अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड से भी व्हीलचेयर उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें सुविधा नहीं मिल सकी। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। ऐसे में आपातकालीन वार्ड और ओपीडी के बाहर पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर राहत मिल सके।
इस बारे में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराधा ने कहा कि अस्पताल में व्हीलचेयरों की कोई कमी नहीं है। लोग मरीजों के लिए व्हीलचेयर ले जाते हैं और बाद में उन्हें वार्डों में ही छोड़ देते हैं। इसी कारण आपातकालीन वार्ड के बाहर कई बार व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को इसके लिए परेशानी हो रही है तो वहां तैनात सुरक्षा गार्ड से जानकारी ली जाएगी।
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-पीठ पर उठाकर डॉक्टर तक ले जाने पड़े मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में सोमवार को मरीजों और तीमारदारों को व्हीलचेयर नहीं मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर पर आपातकालीन वार्ड के बाहर एक भी व्हीलचेयर उपलब्ध न होने से मरीजों को सहारा देकर या पीठ पर उठाकर अस्पताल के विभिन्न विभागों तक ले जाना पड़ा।
अस्पताल पहुंचे लोगों रेखा देवी, कांता देवी, रमना देवी, अमन कुमार, परवेश कुमार, अमित और रमेश आदि ने बताया कि बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को इधर-उधर ले जाने के लिए उन्हें काफी देर तक व्हीलचेयर तलाशनी पड़ी। तीमारदारों ने अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड से भी व्हीलचेयर उपलब्ध करवाने की गुहार लगाई लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें सुविधा नहीं मिल सकी। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। ऐसे में आपातकालीन वार्ड और ओपीडी के बाहर पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर राहत मिल सके।
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इस बारे में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराधा ने कहा कि अस्पताल में व्हीलचेयरों की कोई कमी नहीं है। लोग मरीजों के लिए व्हीलचेयर ले जाते हैं और बाद में उन्हें वार्डों में ही छोड़ देते हैं। इसी कारण आपातकालीन वार्ड के बाहर कई बार व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को इसके लिए परेशानी हो रही है तो वहां तैनात सुरक्षा गार्ड से जानकारी ली जाएगी।
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