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मरीजों से अन्याय बंद करें, मित्रों के खर्चों पर लगाम लगाए सुक्खू सरकार : जयराम
Tue, 10 Feb 2026 07:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 10 Feb 2026 07:48 AM IST
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शाहपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार के लिए बीमार लोग ही सबसे आसान शिकार हैं। जब चाहे उनके खिलाफ कोई भी फैसला ले लेते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू अपने मित्रों के बेहिसाब खर्चे पर लगाम लगाएं और मरीजों के साथ यह अन्याय बंद करे। वह सोमवार को भाजपा मंडल शाहपुर की बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बोल रहे थे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आर्थिक तंगी के नाम पर सरकार हर बार स्वास्थ्य सुविधाओं को छीनने का ही काम कर रही है। प्रदेश का आम आदमी सुख की सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का दर्द क्यों झेले। पहले बीमार लोगों के लिए वरदान साबित हुई हिम केयर को बंद किया, जिससे लोगों को अपना इलाज करने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ा।
अब सरकार केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित निशुल्क जांच को बंद करने और बाकी जांचों के दाम बढ़ाने का फरमान सुना रही है। उन्होंने कहा यह पहले से ही बीमारी का दर्द झेल रहे लोगों के लिए कुठाराघात होगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित फ्री डायग्नोस्टिक इनिशिएटिव सर्विस के तहत प्रदेश के सभी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना के तहत हिमाचल को कुल खर्च का 10 फीसदी हिस्सा ही वहन करना पड़ता है, जबकि 90 फीसदी केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का इंटरनेट भत्ता बढ़ाने के अलावा अपने एक मित्र को एक बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया है। पंचायत चुनाव समय से न करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। सरकार ने सलाहकारों की फौज खड़ी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश पर असांविधानिक सीपीएस थोपे, उन्हें बचाने के लिए करोड़ों रुपये वकीलों पर लुटाए।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आर्थिक तंगी के नाम पर सरकार हर बार स्वास्थ्य सुविधाओं को छीनने का ही काम कर रही है। प्रदेश का आम आदमी सुख की सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का दर्द क्यों झेले। पहले बीमार लोगों के लिए वरदान साबित हुई हिम केयर को बंद किया, जिससे लोगों को अपना इलाज करने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ा।
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अब सरकार केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित निशुल्क जांच को बंद करने और बाकी जांचों के दाम बढ़ाने का फरमान सुना रही है। उन्होंने कहा यह पहले से ही बीमारी का दर्द झेल रहे लोगों के लिए कुठाराघात होगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित फ्री डायग्नोस्टिक इनिशिएटिव सर्विस के तहत प्रदेश के सभी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना के तहत हिमाचल को कुल खर्च का 10 फीसदी हिस्सा ही वहन करना पड़ता है, जबकि 90 फीसदी केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का इंटरनेट भत्ता बढ़ाने के अलावा अपने एक मित्र को एक बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया है। पंचायत चुनाव समय से न करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। सरकार ने सलाहकारों की फौज खड़ी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश पर असांविधानिक सीपीएस थोपे, उन्हें बचाने के लिए करोड़ों रुपये वकीलों पर लुटाए।