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Kangra News: हिंदी मीडियम किताबों का स्टॉक खत्म, कार्निवल मिल रही केवल इंग्लिश किताबें
Sun, 06 Oct 2024 02:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 06 Oct 2024 02:21 AM IST
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धर्मशाला। पुलिस मैदान धर्मशाला में चले कांगड़ा वैली कार्निवल में लोग बुक स्टॉल पर उत्सुकता से जा रहे हैं। पुस्तक प्रेमियों के बढ़ते रुझान से स्टाल पर हिंदी मीडियम किताबों का स्टॉक खत्म हो गया है। अब स्टॉल पर केवल अंग्रेजी भाषा में ही किताबें मिल रही हैं। जिस कारण स्टॉल से बिना पुस्तक खरीदे ही लोग वापस जा रहे हैं। मेले में पुस्तक स्टॉल पर सैकड़ों की मात्रा में लोग तो पहुंच रहे हैं, लेकिन कुछ गिने-चुने लोग ही किताबें खरीद रहे हैं। अंग्रेजी भाषा में लोग किताबें पढ़ने में कम इच्छा दिखा रहे हैं।
कांगड़ा वैली कार्निवल में बुकचोर कंपनी की ओर से पुस्तकों का स्टाॅल लगाया गया है और अब स्टॉल पर केवल अंग्रेजी की ही किताबें मिल रही हैं। कंपनी की ओर से हिंदी की 150 के करीब पुस्तकों को स्टॉक में रखा गया था, जो बिक चुकी हैं। इस दौरान यहां आने वाले लोगों ने कहा कि स्टॉल पर दोनों ही भाषा में किताबें होनी चाहिए।
कार्निवल में हिंदी की पुस्तकें पहले दो दिन में ही बिक गईं। इसके बाद अब स्टॉल पर अंग्रेजी किताबें ही रह गई हैं, जिन्हें लोग अब कम पसंद कर रहे हैं।
- साहिल, स्टाॅल इंचार्ज
- स्टॉल पर दोनों ही प्रकार की पुस्तकें होनी चाहिए, जिससे लोगों अपनी इच्छा के अनुसार किताबें खरीद सकते हैं।
- विवेक हीर, किताब खरीदार, पालमपुर निवासी
- अंग्रेजी में पुस्तकें पढ़ने से भाषा में सुधार होता है, लेकिन जिनकी अंग्रेजी कमजोर है वे अंग्रेजी भाषा में पुस्तकें नहीं पढ़ सकते। इस लिए दोनों मीडियम की किताबें यहां होनी चाहिए।
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- पलक पठानिया, खरीदार
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कांगड़ा वैली कार्निवल में बुकचोर कंपनी की ओर से पुस्तकों का स्टाॅल लगाया गया है और अब स्टॉल पर केवल अंग्रेजी की ही किताबें मिल रही हैं। कंपनी की ओर से हिंदी की 150 के करीब पुस्तकों को स्टॉक में रखा गया था, जो बिक चुकी हैं। इस दौरान यहां आने वाले लोगों ने कहा कि स्टॉल पर दोनों ही भाषा में किताबें होनी चाहिए।
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कार्निवल में हिंदी की पुस्तकें पहले दो दिन में ही बिक गईं। इसके बाद अब स्टॉल पर अंग्रेजी किताबें ही रह गई हैं, जिन्हें लोग अब कम पसंद कर रहे हैं।
- साहिल, स्टाॅल इंचार्ज
- स्टॉल पर दोनों ही प्रकार की पुस्तकें होनी चाहिए, जिससे लोगों अपनी इच्छा के अनुसार किताबें खरीद सकते हैं।
- विवेक हीर, किताब खरीदार, पालमपुर निवासी
- अंग्रेजी में पुस्तकें पढ़ने से भाषा में सुधार होता है, लेकिन जिनकी अंग्रेजी कमजोर है वे अंग्रेजी भाषा में पुस्तकें नहीं पढ़ सकते। इस लिए दोनों मीडियम की किताबें यहां होनी चाहिए।
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- पलक पठानिया, खरीदार