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Kangra News: फाइलों तक ही सिमटा रह गया प्रदेश का पहला अक्षरधाम मंदिर

Wed, 18 Sep 2024 06:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Wed, 18 Sep 2024 06:02 AM IST
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State's first Akshardham temple remained limited to files only
धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के लिए प्रस्तावित प्रदेश का पहला अक्षरधाम मंदिर केवल फाइलों तक ही सीमित रह गया है। धर्मशाला में भव्य अक्षरधाम मंदिर का निर्माण किया जाना था, लेकिन अब वन विभाग की एनओसी न मिलने से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। इस मंदिर से संबंधित मंदिर ट्रस्ट ने चिह्नित भूमि पर अक्षरधाम मंदिर के बजाय मेडिटेशन सेंटर बनाने का निर्णय लिया, इसका नक्शा भी बनाया गया, लेकिन वन विभाग से एनओसी न मिलने के चलते अब इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि एनओसी न मिलने का कारण मंदिर की जगह मेडिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी रहा। अब हालात ऐसे बने हैं कि इस सेंटर के प्रस्ताव के साथ मंदिर बनने का रास्ता भी फिलहाल बंद हो गया
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है। जानकारी के अनुसार धर्मशाला के कचहरी से श्यामनगर मार्ग पर जिला कल्याण विभाग और बीडीओ कार्यालय के समीप प्राचीन शिव मंदिर के पास प्रदेश के पहले अक्षरधाम मंदिर के लिए दो साल पहले भूमि चिह्नित की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य से पूर्व वन विभाग से भूमि की क्लीयरेंस की आवश्यकता थी। कई बार एनओसी के लिए आवेदन किया गया, लेकिन वन विभाग से क्लीयरेंस नहीं मिल पाई। भूमि की एनओसी मिलने के बाद ही इस भूमि को भाषा एवं संस्कृत विभाग के नाम ट्रांसफर किया जाना था। इससे पहले धर्मशाला में अक्षरधाम बनाने के लिए ऐतिहासिक अघंजर महादेव मंदिर खनियारा में भी जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन खनियारा में भी अक्षरधाम मंदिर बनाने का प्रोपोजल सिरे नहीं चढ़ पाया था। अब धर्मशाला के कचहरी में भी अक्षरधाम मंदिर बनाने का सपना भी अधूरा रह गया। विभाग की ओर से प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया।
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धर्मशाला में पहला अक्षरधाम मंदिर बनाने के लिए भूमि चिह्नित की गई थी, जिससे विभाग के नाम ट्रांसफर किया जाना था, लेकिन वन विभाग से क्लीयरेंस न मिलने के कारण प्रोजेक्ट को बंद कर दिया गया है।
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अमित गुलेरी, जिला भाषा अधिकारी, भाषा एवं संस्कृति विभाग कांगड़ा स्थित धर्मशाला
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