{"_id":"6888d512c00fde582b04b050","slug":"spokesperson-union-got-angry-due-to-the-order-to-teach-from-6th-to-12th-standard-kangra-news-c-95-1-ssml1019-188350-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: छठी से 12वीं तक पढ़ाने के आदेश से भड़का प्रवक्ता संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: छठी से 12वीं तक पढ़ाने के आदेश से भड़का प्रवक्ता संघ
Wed, 30 Jul 2025 07:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 30 Jul 2025 07:34 AM IST
विज्ञापन
थुरल (कांगड़ा)। जिला स्कूल प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग द्वारा छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ाने के आदेशों को तुगलकी फरमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया। प्रवक्ताओं का कहना है कि वे पहले से ही आवश्यकता अनुसार पढ़ा रहे हैं, लेकिन ऐसे जबरन आदेशों से उनका मनोबल गिरता है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
थुरल में मंगलवार को हुई बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सिकंदर मिन्हास ने की। महासचिव बलजीत सिंह अटवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार, वित्त सचिव तिलक राज राणा और सभी उपमंडल अध्यक्ष-सचिवों ने कहा कि आदेशों का सार्वभौमिकरण व्यावहारिक नहीं है। प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के लिए अलग-अलग शिक्षकों का प्रावधान है, फिर प्रवक्ताओं पर दबाव क्यों है।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि आदेश जबरदस्ती लागू किए गए तो प्रवक्ता संघ एकजुट होकर उग्र विरोध करेगा। साथ ही प्रवक्ताओं ने यह भी मांग रखी कि यदि उन्हें छठी से 12वीं तक पढ़ाने को बाध्य किया जाता है तो प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक के पदों पर 100 प्रतिशत पदोन्नति भी प्रवक्ताओं से ही की जाए। लंबित वित्तीय लाभ जारी करने और पदोन्नति शीघ्र करने की भी मांग उठाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
थुरल में मंगलवार को हुई बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सिकंदर मिन्हास ने की। महासचिव बलजीत सिंह अटवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार, वित्त सचिव तिलक राज राणा और सभी उपमंडल अध्यक्ष-सचिवों ने कहा कि आदेशों का सार्वभौमिकरण व्यावहारिक नहीं है। प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के लिए अलग-अलग शिक्षकों का प्रावधान है, फिर प्रवक्ताओं पर दबाव क्यों है।
विज्ञापन
संघ ने चेतावनी दी कि यदि आदेश जबरदस्ती लागू किए गए तो प्रवक्ता संघ एकजुट होकर उग्र विरोध करेगा। साथ ही प्रवक्ताओं ने यह भी मांग रखी कि यदि उन्हें छठी से 12वीं तक पढ़ाने को बाध्य किया जाता है तो प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक के पदों पर 100 प्रतिशत पदोन्नति भी प्रवक्ताओं से ही की जाए। लंबित वित्तीय लाभ जारी करने और पदोन्नति शीघ्र करने की भी मांग उठाई गई।
विज्ञापन