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मुल्थान की ऊंची चोटियों पर हिमपात
ब्यूरो/अमर उजाला, मुल्थान (कांगड़ा)
Updated Fri, 19 Feb 2016 07:22 PM IST
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कांगड़ा की दुर्गम घाटी मुल्थान में वीरवार रात से शुरू हुई बर्फबारी शुक्रवार दिन भर जारी रही। घाटी में दिन भर रुक-रुक कर हल्का हिमपात हो रहा है।
इससे घाटी का पारा एक बार फिर से नीचे लुढ़क गया है। छोटा भंगाल की पहाड़ियों में सुबह तक 2 से 5 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ। बर्फबारी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों के चेहरे अब खिलने लगे हैं क्योंकि इसे फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
जानकारी अनुसार थम्सर जोत, प्लाचक, पन्हारतटू, दुद्नी जोत, बधारनी जोत, राज गुंधा और कुकड गुंधा में हिमपात जारी है। मुल्थान तहसील के सभी गांवों में शुक्रवार को दिनभर बारिश होती रही।
किसानों राजमल, खेम सिंह, राम कुमार, नरोतम, सीता राम, प्रभु देव का कहना है कि लोग बरसात और बर्फबारी के लिए देवताओं की शरण में थे।
अब देवताओं ने उनकी मुराद सुन ली है। स्थानीय लोगों की मानें तो फरवरी में बर्फ ना पड़े तो घाटी में गर्मियों में पानी की कमी हो जाती है। इतना ही नहीं बर्फबारी और बरसात न होने की वजह से इलाका में जौ, लहसुन और गंदम की फसलें पिली पड़ने लग पड़ी थीं। अब घाटी में हो रही बर्फबारी और बरसात किसानों के लिए लाभकारी होगी।
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इससे घाटी का पारा एक बार फिर से नीचे लुढ़क गया है। छोटा भंगाल की पहाड़ियों में सुबह तक 2 से 5 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ। बर्फबारी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों के चेहरे अब खिलने लगे हैं क्योंकि इसे फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
जानकारी अनुसार थम्सर जोत, प्लाचक, पन्हारतटू, दुद्नी जोत, बधारनी जोत, राज गुंधा और कुकड गुंधा में हिमपात जारी है। मुल्थान तहसील के सभी गांवों में शुक्रवार को दिनभर बारिश होती रही।
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किसानों राजमल, खेम सिंह, राम कुमार, नरोतम, सीता राम, प्रभु देव का कहना है कि लोग बरसात और बर्फबारी के लिए देवताओं की शरण में थे।
अब देवताओं ने उनकी मुराद सुन ली है। स्थानीय लोगों की मानें तो फरवरी में बर्फ ना पड़े तो घाटी में गर्मियों में पानी की कमी हो जाती है। इतना ही नहीं बर्फबारी और बरसात न होने की वजह से इलाका में जौ, लहसुन और गंदम की फसलें पिली पड़ने लग पड़ी थीं। अब घाटी में हो रही बर्फबारी और बरसात किसानों के लिए लाभकारी होगी।
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