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Kangra News: कोपर लाहड़ स्टेशन पर रेल बहाली के नारे हुए बुलंद, सांसदों से मांगे इस्तीफे
Mon, 06 Apr 2026 07:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 06 Apr 2026 07:51 AM IST
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कांगड़ा के कोपडलाहड में धरने पर बैठे रेलवे संघर्ष समिति के सदस्य। स्रोत: समिति
कांगड़ा/रानीताल। कांगड़ा घाटी रेलवे मार्ग पर ट्रेनों की बहाली की राह देख रहे स्थानीय लोगों का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के बैनर तले कोपर लाहड़ रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में जुटे टैक्सी ऑपरेटरों, बच्चों महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने रेल मंत्रालय और सांसदों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और रेल बहाली में विफल रहने पर स्थानीय सांसदों से इस्तीफे की मांग की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि चक्की पुल का निर्माण कार्य पूरा हुए चार महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन रेलवे विभाग और मंत्रालय अलग-अलग बहानों से ट्रेनों का संचालन शुरू करने में टालमटोल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह रेल सेवा क्षेत्र के गरीबों, स्कूली बच्चों और टांडा अस्पताल जाने वाले मरीजों की जीवनरेखा है। इसके बंद होने से स्थानीय बाजारों में रोजगार और धार्मिक पर्यटन को भारी आर्थिक चोट पहुंच रही है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रेल सेवा बहाल नहीं की गई, तो आगामी प्रधानमंत्री के कांगड़ा दौरे के दौरान सांसदों का काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन को विभिन्न महिला मंडलों, युवा क्लबों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपना खुला समर्थन दिया।
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संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी गठित
प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई, जिसमें पीसी विश्वकर्मा को अध्यक्ष तथा बलवीर सिंह व विजय शर्मा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि अब भी देरी हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और रेल बहाली में विफल रहने पर स्थानीय सांसदों से इस्तीफे की मांग की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि चक्की पुल का निर्माण कार्य पूरा हुए चार महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन रेलवे विभाग और मंत्रालय अलग-अलग बहानों से ट्रेनों का संचालन शुरू करने में टालमटोल कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि यह रेल सेवा क्षेत्र के गरीबों, स्कूली बच्चों और टांडा अस्पताल जाने वाले मरीजों की जीवनरेखा है। इसके बंद होने से स्थानीय बाजारों में रोजगार और धार्मिक पर्यटन को भारी आर्थिक चोट पहुंच रही है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रेल सेवा बहाल नहीं की गई, तो आगामी प्रधानमंत्री के कांगड़ा दौरे के दौरान सांसदों का काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन को विभिन्न महिला मंडलों, युवा क्लबों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपना खुला समर्थन दिया।
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संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी गठित
प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई, जिसमें पीसी विश्वकर्मा को अध्यक्ष तथा बलवीर सिंह व विजय शर्मा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि अब भी देरी हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

कांगड़ा के कोपडलाहड में धरने पर बैठे रेलवे संघर्ष समिति के सदस्य। स्रोत: समिति