{"_id":"66981410fd97562fbd0bd2e4","slug":"sawan-festival-begins-in-ancient-shiva-temple-kathgarh-kangra-news-c-95-1-kng1002-140536-2024-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़ में सावन महोत्सव शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: प्राचीन शिव मंदिर काठगढ़ में सावन महोत्सव शुरू
Thu, 18 Jul 2024 12:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 18 Jul 2024 12:27 AM IST
विज्ञापन
इंदौरा (कांगड़ा)। प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ सावन महोत्सव 15 अगस्त तक मनाया जाएगा। इसका शुभारंभ बुधवार को मासिक महा शिव पुराण कथा एवं रामायण पाठ से किया गया। यह कथा और पाठ सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे और शाम चार से छह बजे तक पूरा माह तक चलेगा। इसी कड़ी में प्रियंका बावा ने दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक सत्संग, भजन कीर्तन का आयोजन किया।
इसमें उन्होंने आज शिव महिमा के रहस्य के बारे में प्रवचन देते हुए 12 ज्योर्तिलिंगों की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा कि स्वयं की उत्पत्ति स्वयं महादेव द्वारा की है और चंद्र प्रभा को श्राप से मुक्ति देने के लिए सोमनाथ की उत्पत्ति की। भगवान कृष्ण की संतान सुख देने के लिए लिए नागेश्वर महादेव की उत्पत्ति हुई, भीमाशंकर को मुक्ति देने के लिए भीमा शंकर की उत्पति हुई। पांडवों का कल्याण करने के लिए केदारनाथ की उत्पत्ति हुई। कालशर्प दोष की मुक्ति के लिए त्रयंबकेश्वर की उत्पत्ति हुई। दुश्मा के मरे हुए पुत्र को जीवित करने के लिए घरनेश्वर की उत्पति हुई। इस अवसर पर सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच, सचिव गणेश शर्मा, कार्यालय सचिव जोगिंदर पाल भारद्वाज, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा और संगठन सचिव प्रेम सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इसमें उन्होंने आज शिव महिमा के रहस्य के बारे में प्रवचन देते हुए 12 ज्योर्तिलिंगों की कथा भी सुनाई। उन्होंने कहा कि स्वयं की उत्पत्ति स्वयं महादेव द्वारा की है और चंद्र प्रभा को श्राप से मुक्ति देने के लिए सोमनाथ की उत्पत्ति की। भगवान कृष्ण की संतान सुख देने के लिए लिए नागेश्वर महादेव की उत्पत्ति हुई, भीमाशंकर को मुक्ति देने के लिए भीमा शंकर की उत्पति हुई। पांडवों का कल्याण करने के लिए केदारनाथ की उत्पत्ति हुई। कालशर्प दोष की मुक्ति के लिए त्रयंबकेश्वर की उत्पत्ति हुई। दुश्मा के मरे हुए पुत्र को जीवित करने के लिए घरनेश्वर की उत्पति हुई। इस अवसर पर सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच, सचिव गणेश शर्मा, कार्यालय सचिव जोगिंदर पाल भारद्वाज, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा और संगठन सचिव प्रेम सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन