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Kangra News: मुआवजे के लिए सरकारी बैंक में आए 160 करोड़, निजी में ट्रांसफर
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धर्मशाला। गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए आए पैसों के मामले में कथित खेल शुरू हो गया है। सरकार से एयरपोर्ट प्रभावितों के लिए शनिवार को 160 करोड़ रुपये जारी हुए थे। तीन दिन बाद मंगलवार को ही यह राशि सरकारी बैंक से निजी बैंक में ट्रांसफर कर दी गई है।
यह पैसा कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास विभाग के नाम से खुले खाते में जमा हुआ थी। मगर जमा होने के तीन दिन बाद ही यह मोटी रकम केसीसी बैंक से एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दी गई। अगर यह रकम केसीसी बैंक में रहती तो सहकारी बैंक को दो से आठ करोड़ रुपये के बीच फायदा हो सकता था। मगर अब यह फायदा निजी बैंक को होगा।
प्रदेश सरकार कांगड़ा और शाहपुर उपमंडल के अधीन आने वाले 14 गांवों की भूमि का अधिग्रहण कर रही है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, कांगड़ा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भूमि उपलब्ध करवा रहा है। प्रभावितों को मुआवजा भी प्रदेश सरकार दे रही है। मगर प्रभावितों को मुआवजे देने के लिए आई सरकारी राशि को सरकारी बैंक से निजी बैंक में ट्रांसफर करने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
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ब्याज के लिए सरकार 10 तारीख को दे रही है पेंशन
कुछ समय पूर्व प्रदेश सरकार ने पेंशनरों को दी जाने वाली पेंशन हर माह की 10 तारीख को देने की बात कही थी, ताकि बैंक खाते में आने वाली रकम पर मिलने वाले ब्याज का लाभ प्रदेश सरकार को हो सके। ऐसा ही लाभ कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को भी हो सकता था। मगर किसके इशारे पर यह रकम सरकारी बैंक से निजी बैंक में ट्रांसफर हुई यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
3,038 खसरा नंबरों के प्रभावितों की भूमि का हो रहा अधिग्रहण
कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार के लिए कांगड़ा और शाहपुर तहसीलों के तहत 3,038 के करीब खसरा नंबरों से प्रभावितों की भूमि के अधिग्रहण की बात कही गई है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में विधानसभा क्षेत्र कांगड़ा के तहत बाग, बल्ला, बरस्वालकड़, भेड़ी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, मुगरेहड़, सहौड़ा और सनौरा गांव आएंगे। इसके अलावा शाहपुर विधानसभा के तहत रछियालु, जुगेहड़, भड़ोत और क्योड़ी गांव आएंगे। वहीं, मौजूदा समय में चल रहे 1,370 मीटर लंबी और 30 मीटर हवाई चौड़ी पर जहाज उतर और उड़ान भर रहे हैं, लेकिन अब अब रनवे को 3,110 मीटर करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है।
कांगड़ा हवाई अड्डा के होने वाले विस्तार के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों को प्रदेश सरकार मुआवजा प्रदान कर रही है। केसीसी बैंक में 160 करोड़ रुपये आए थे, लेकिन तीन दिन बाद ही यह रकम एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दी गई। मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया जाएगा। क्योंकि प्रदेश सरकार के निर्देश पर ही एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
-कुलदीप सिंह पठानिया, चेयरमैन, केसीसी बैंक धर्मशाला
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यह पैसा कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास विभाग के नाम से खुले खाते में जमा हुआ थी। मगर जमा होने के तीन दिन बाद ही यह मोटी रकम केसीसी बैंक से एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दी गई। अगर यह रकम केसीसी बैंक में रहती तो सहकारी बैंक को दो से आठ करोड़ रुपये के बीच फायदा हो सकता था। मगर अब यह फायदा निजी बैंक को होगा।
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प्रदेश सरकार कांगड़ा और शाहपुर उपमंडल के अधीन आने वाले 14 गांवों की भूमि का अधिग्रहण कर रही है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, कांगड़ा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भूमि उपलब्ध करवा रहा है। प्रभावितों को मुआवजा भी प्रदेश सरकार दे रही है। मगर प्रभावितों को मुआवजे देने के लिए आई सरकारी राशि को सरकारी बैंक से निजी बैंक में ट्रांसफर करने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
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ब्याज के लिए सरकार 10 तारीख को दे रही है पेंशन
कुछ समय पूर्व प्रदेश सरकार ने पेंशनरों को दी जाने वाली पेंशन हर माह की 10 तारीख को देने की बात कही थी, ताकि बैंक खाते में आने वाली रकम पर मिलने वाले ब्याज का लाभ प्रदेश सरकार को हो सके। ऐसा ही लाभ कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को भी हो सकता था। मगर किसके इशारे पर यह रकम सरकारी बैंक से निजी बैंक में ट्रांसफर हुई यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
3,038 खसरा नंबरों के प्रभावितों की भूमि का हो रहा अधिग्रहण
कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार के लिए कांगड़ा और शाहपुर तहसीलों के तहत 3,038 के करीब खसरा नंबरों से प्रभावितों की भूमि के अधिग्रहण की बात कही गई है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में विधानसभा क्षेत्र कांगड़ा के तहत बाग, बल्ला, बरस्वालकड़, भेड़ी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, मुगरेहड़, सहौड़ा और सनौरा गांव आएंगे। इसके अलावा शाहपुर विधानसभा के तहत रछियालु, जुगेहड़, भड़ोत और क्योड़ी गांव आएंगे। वहीं, मौजूदा समय में चल रहे 1,370 मीटर लंबी और 30 मीटर हवाई चौड़ी पर जहाज उतर और उड़ान भर रहे हैं, लेकिन अब अब रनवे को 3,110 मीटर करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है।
कांगड़ा हवाई अड्डा के होने वाले विस्तार के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों को प्रदेश सरकार मुआवजा प्रदान कर रही है। केसीसी बैंक में 160 करोड़ रुपये आए थे, लेकिन तीन दिन बाद ही यह रकम एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दी गई। मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के समक्ष इस मामले को उठाया जाएगा। क्योंकि प्रदेश सरकार के निर्देश पर ही एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
-कुलदीप सिंह पठानिया, चेयरमैन, केसीसी बैंक धर्मशाला