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Kangra News: स्लोवाकिया और एस्टोनिया के प्रतिनिधियों ने तिब्बत पर अपना रुख दोहराया

Tue, 11 Mar 2025 01:05 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Mar 2025 01:05 AM IST
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Representatives of Slovakia and Estonia reiterate their stand on Tibet
धर्मशाला। स्लोवाकिया और एस्टोनिया के प्रतिनिधियों ने तिब्बत पर अपना कड़ा रुख दोहराया है। सोमवार को मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर में 66वें राष्ट्रीय विद्रोह दिवस समारोह के बाद उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से स्लोवाकिया के पूर्व राष्ट्रपति आंद्रेज किस्का और एस्टोनिया के सांसद जुकू काले रेड ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद जुकू कल्ले रेड, जो कि एस्टोनिया के विदेश मामलों की समिति के सदस्य भी हैं, ने तिब्बत पर एस्टोनिया के कड़े रुख को दोहराया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन के बयान का मुकाबला करने में अधिक मुखर होने का आह्वान किया। उन्होंने वैश्विक कूटनीतिक मामलों से निपटने में अपनी भूमिका के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा चूंकि एस्टोनिया यूरोपीय संघ का सदस्य है। इसलिए मैं भी यहां यूरोपीय संघ का थोड़ा प्रतिनिधित्व करता हूं। उन्होंने मुक्त दुनिया से अधिक संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की अनुपस्थिति पर निराशा व्यक्त की। चीन की तथाकथित वन चाइना पॉलिसी के कारण होने वाली हिचकिचाहट की ओर इशारा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्य मुद्दा चीन की नीति का डर है। सांसद जुकू कल्ले रेड ने तिब्बत के लिए अपनी वकालत के बाद चीन से आधिकारिक राजनयिक विरोध प्राप्त करने के अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने आगे अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से यूरोप को तिब्बत पर अपनी आवाज बुलंद करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आग्रह किया कि यह मुख्य एजेंडा है जिसे हम मुक्त दुनिया में, यूरोप में दोहरा रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर, हमें और जोरदार होना चाहिए।
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इसके बाद स्लोवाकिया के पूर्व राष्ट्रपति आंद्रेज किस्का ने तिब्बत के साथ अपनी एकजुटता की पुष्टि की और दुनिया से आवाज उठाने का आग्रह किया। उन्होंने 14वें दलाई लामा के साथ अपने गहरे व्यक्तिगत संबंध और तिब्बत और उसके लोगों के लिए अपने दीर्घकालिक समर्थन को साझा किया। अपनी यात्रा पर विचार करते हुए उन्होंने अपने जीवन पर परम पावन की शिक्षाओं के हार्दिक प्रभाव, तिब्बत के समृद्ध इतिहास की अपनी समझ और चल रहे संघर्ष पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में सूचना और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के अतिरिक्त सचिव नामग्याल त्सेवांग ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का संक्षिप्त परिचय दिया और हॉल में उनकी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया।
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