फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Raised voice against the government for the demand of UGC pay scale

जिले के कालेज प्राध्यापकों एक दिवसीय भूखड़ताल कर जताया रोष

Mon, 23 May 2022 11:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
Raised voice against the government for the demand of UGC pay scale
धर्मशाला। हिमाचल राजकीय कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एचजीसीटीए) के बैनर तले सातवें यूजीसी वेतनमान को शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर प्रदेशभर के कॉलेज शिक्षक सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
विज्ञापन

इसी कड़ी में एचजीसीटीए की धर्मशाला कॉलेज इकाई ने अध्यक्ष डॉ. वीएस वत्स के नेतृत्व में कॉलेज प्राध्यापकों ने सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल की। डॉ. वत्स ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में कॉलेज व यूनिवर्सिटी प्राध्यापकों को सातवें यूजीसी के वेतनमान दिया जा चुका है, जबकि हिमाचल में अभी तक नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा एचजीसीटीए ने नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता लाभ देने और लंबे समय से लंबित पीएचडी/एमफिल को इंक्रीमेंट को जारी करने का मामला भी उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि कॉलेज में चल रहीं परीक्षाएं प्रभावित न हों, उसी आधार पर समय निर्धारित करके हम सरकार के प्रति अपना रोष जता रहे हैं। इस अवसर पर कॉलेज के सभी प्राध्यापकों ने भूख हड़ताल में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
विज्ञापन

नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय नगरोटा बगवां के समस्त प्राध्यापकों ने भी भूख हड़ताल की। इस दौरान संघ की स्थानीय इकाई के प्रधान प्रो. नरेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2014 से पीएचडी और एमफिल की वेतन वृद्धि रोक दी है, जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के विपरीत है। इस अवसर पर डॉ. मदन गुलेरिया, डॉ. बलराज, प्रो. राधिका, प्रो. निपुनिका, प्रो. संजय शर्मा व प्रो. पूनम शर्मा सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पालमपुर में भी हड़ताल पर बैठे प्राध्यापक
पालमपुर (कांगड़ा)। शहीद कैप्टन विक्रम बतरा राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भी सातवें वेतन आयोग और यूजीसी की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए एक दिन की भूख हड़ताल की। इकाई के अध्यक्ष डॉ. सुजीत सरोच ने कहा कि प्रदेश में प्राध्यापकों को यह लाभ नहीं मिल रहा है। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी पाराशर, डॉ. संजीव कुमार, प्रो. अरुण चंद्र सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed