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पोस्टरबाजी ने बिगाड़ दी शहर की सूरत

Wed, 06 Jan 2016 06:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा Updated Wed, 06 Jan 2016 06:32 PM IST
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poster demage the beauty of city

नूरपुर (कांगड़ा)। शहरी मतदाताओं को रिझाने और अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रत्याशी हर तरह के दांवपेंच आजमा रहे हैं। नूरपुर नगर परिषद की चुनावी जंग में शहर के सभी नौ वार्डों से अपनी किस्मत आजमाने उतरे प्रत्याशियों में दीवारों पर अपने-अपने पोस्टर चस्पाने की होड़ लगी है। दोनों ही सियासी दलों कांग्रेस और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के अलावा वार्ड पार्षद बनने की हरसत लेकर चुनावी दंगल में कूदे अन्य प्रत्याशियों के बीच छिड़े इस पोस्टर वार ने शहर का हुलिया बिगाड़ कर रख दिया है।

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इस पोस्टरबाजी से जहां शहर में लोगों के घरों की दीवारें बदसूरत होने लगी हैं, वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के खिलाफ निजी और सरकारी संपत्ति के अलावा मंदिरों, रेन शेल्टर व सार्वजनिक शौचालय की दीवारों पर भी पोस्टर लगे देखे जा सकते है। हालांकि, निर्वाचन आयोग की तरफ से वॉल राइटिंग और चुनाव प्रचार सामग्री लगाने के लिए जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उनमें साफ तौर पर कहा गया है कि निजी संपत्ति पर भी वॉल राइटिंग और पोस्टर इत्यादि लगवाने से पहले प्रत्याशी को संपत्ति के मालिक से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा और उसे संबंधित निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना पड़ेगा।
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इसके अलावा किसी भी सरकारी संपत्ति, भवन, पुल व अन्य स्थान पर वॉल राइटिंग या चुनाव प्रचार सामग्री चस्पां नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद नूरपुर नगर परिषद में वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों ने चुनावी कायदे-कानून को ताक पर रखकर सार्वजनिक स्थलों समेत लोगों के घरों व दुकानों को पोस्टरों से रंगीन कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्याशियों की ओर से हर बार चुनाव प्रचार के समय लगाई गई प्रचार सामग्री को चुनाव के बाद जस का तस छोड़ दिया जाता है। उधर, स्थानीय निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम नूरपुर राकेश कुमार प्रजापति ने साफ किया कि कोई भी प्रत्याशी सार्वजनिक स्थलों और निजी संपत्ति पर बिना अनुमति के पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स व अन्य किसी तरह की चुनाव प्रचार सामग्री नहीं लगा सकता है। इसके लिए संपत्ति के मालिक के बाद प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य है। इस बाबत संपत्ति के मालिक की शिकायत पर ऐसे प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने चेताया कि कोई भी प्रत्याशी (नप व जिप) बिना निर्वाचन अधिकारी की अनुमति किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार करता पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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