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Kangra News: पौंग विस्थापित को राजस्थान में मिली भूमि कर कब्जा, पुलिस से शिकायत पर वापस मिला हक
Tue, 19 Mar 2024 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:50 PM IST
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रघुबीर सिंह पुत्र तारा पुत्र लक्खू निवासी धनेटी भूरियां तहसील नूरपुर फर्जीवाड़े में बेचे गए अपन
राजा का तालाब (कांगड़ा)। राजस्थान में पौंग बांध विस्थापित को मिली भूमि को हड़पने का मामला सामने आया है। पौंग बांध विस्थापित रघुवीर सिंह पुत्र तारा निवासी धनेटी भूरियां तहसील नूरपुर ने इसको लेकर जैसलमेर के पुलिस स्टेशन तनोट में ऑनलाइन शिकायत करवाई है। हालांकि जांच के बाद उन्हें मुरब्बे का हक वापस मिल गया है। शिकायतकर्त्ता का कहना है कि उसके पिता तारा पुत्र लक्खू को चक सात आरएमएसएम में मुरब्बा नंबर 199/48 तहसील रामगढ़ एसी न्यू जैसलमेर में दिसंबर 2016 को आबंटित हुआ था। ऐसे में काश्तकार हल्ले खान ने मुरब्बे को बीजना शुरू कर दिया। 7 फरवरी 2022 को उसके पिता तारा की मृत्यु हो गई। कोरोना के चलते वह मुरब्बे को देखने नहीं जा सके।
वहीं, 25 फरवरी 2024 को काश्तकार हल्ले खान का पौंग बांध विस्थापित सुरिंदर चौधरी को फोन आया कि तारा के मुरब्बे का राजस्थान का एक अन्य व्यक्ति बाबू राम पुत्र किश्ना राम जाट निवासी कोलूतला कब्जा लेने आया हुआ है। सुरिंदर चौधरी ने इसकी सूचना रघुवीर सिंह को दी। रघुवीर सिंह के अनुसार उसे व्हाट्सएप पर काश्तकार हल्ले खान ने फर्जी रजिस्ट्री की कॉपी भेजी। इसके बाद 26 फरवरी 2024 को अपने वकील के जरिए रघुवीर सिंह तनोट पुलिस स्टेशन में नूरपुर से ऑनलाइन शिकायत करवा दी। 29 फरवरी को राजस्थान में वहां के तहसीलदार से मिलकर अपने मुरब्बे के दस्तावेज दिखाए। उन्होंने मामले को गंभीरता से देखा तो फर्जीवाड़ा पाया गया और रघुवीर सिंह को दोबारा मुरब्बे का कब्जा दिलवाया गया। रघुवीर सिंह ने बताया कि एक महिला तारा देवी के आधार कार्ड को अटैच करके उनके पिता के मुरब्बे वाले नाम तारा के आगे देवी लिख दिया। जबकि फर्जीवाड़े में पुत्र की जगह वाइफ ऑफ लक्खू राम कर दिया और मुरब्बे के दस्तावेज तैयार कर लिए। रघुवीर, उनके भाइयों हरनाम सिंह, करतार सिंह और शाम लाल ने प्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
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वहीं, 25 फरवरी 2024 को काश्तकार हल्ले खान का पौंग बांध विस्थापित सुरिंदर चौधरी को फोन आया कि तारा के मुरब्बे का राजस्थान का एक अन्य व्यक्ति बाबू राम पुत्र किश्ना राम जाट निवासी कोलूतला कब्जा लेने आया हुआ है। सुरिंदर चौधरी ने इसकी सूचना रघुवीर सिंह को दी। रघुवीर सिंह के अनुसार उसे व्हाट्सएप पर काश्तकार हल्ले खान ने फर्जी रजिस्ट्री की कॉपी भेजी। इसके बाद 26 फरवरी 2024 को अपने वकील के जरिए रघुवीर सिंह तनोट पुलिस स्टेशन में नूरपुर से ऑनलाइन शिकायत करवा दी। 29 फरवरी को राजस्थान में वहां के तहसीलदार से मिलकर अपने मुरब्बे के दस्तावेज दिखाए। उन्होंने मामले को गंभीरता से देखा तो फर्जीवाड़ा पाया गया और रघुवीर सिंह को दोबारा मुरब्बे का कब्जा दिलवाया गया। रघुवीर सिंह ने बताया कि एक महिला तारा देवी के आधार कार्ड को अटैच करके उनके पिता के मुरब्बे वाले नाम तारा के आगे देवी लिख दिया। जबकि फर्जीवाड़े में पुत्र की जगह वाइफ ऑफ लक्खू राम कर दिया और मुरब्बे के दस्तावेज तैयार कर लिए। रघुवीर, उनके भाइयों हरनाम सिंह, करतार सिंह और शाम लाल ने प्रदेश, राजस्थान और केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
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