{"_id":"6810d721a96bcd889801c889","slug":"parshuram-is-considered-the-sixth-incarnation-of-lord-vishnu-manoj-kangra-news-c-95-1-kng1002-175164-2025-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान विष्णु का छठा अवतार माने जाते हैं परशुराम : मनोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान विष्णु का छठा अवतार माने जाते हैं परशुराम : मनोज
Wed, 30 Apr 2025 07:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 30 Apr 2025 07:09 AM IST
विज्ञापन
देहरा में भगवान परशुराम जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग। स्रोत: आयोजक
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। देहरा में मंगलवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में राधा-कृष्ण मंदिर में एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह प्रभात फेरी निकाली गई जो नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर पहुंची। इसमें महिलाओं ने परशुराम की महिमा का गुणगान किया।
कांगड़ा की एडीएम शिल्पी बेक्टा और एसपी विजिलेंस हमीरपुर रेणु शर्मा भी विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। मंदिर को सजाया गया और भगवान परशुराम की तस्वीर को फूल-मालाओं से अलंकृत किया गया। इसके बाद भक्ति भाव से आरती की गई और श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के जयकारे लगाए।
कार्यक्रम के आयोजक पुजारी मनोज भारद्वाज ने जानकारी दी कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वह चिरंजीवी हैं और आज भी पृथ्वी पर विद्यमान हैं। उनका जन्म वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को प्रदोष काल में ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष तृतीया तिथि 29 अप्रैल शाम 5:32 बजे से शुरू होकर 30 अप्रैल को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी, इसी कारण परशुराम जयंती 29 अप्रैल को मनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांगड़ा की एडीएम शिल्पी बेक्टा और एसपी विजिलेंस हमीरपुर रेणु शर्मा भी विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। मंदिर को सजाया गया और भगवान परशुराम की तस्वीर को फूल-मालाओं से अलंकृत किया गया। इसके बाद भक्ति भाव से आरती की गई और श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के जयकारे लगाए।
विज्ञापन
कार्यक्रम के आयोजक पुजारी मनोज भारद्वाज ने जानकारी दी कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वह चिरंजीवी हैं और आज भी पृथ्वी पर विद्यमान हैं। उनका जन्म वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को प्रदोष काल में ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष तृतीया तिथि 29 अप्रैल शाम 5:32 बजे से शुरू होकर 30 अप्रैल को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी, इसी कारण परशुराम जयंती 29 अप्रैल को मनाई गई।

देहरा में भगवान परशुराम जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग। स्रोत: आयोजक
विज्ञापन