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Kangra News: पहले पंचायत के विकास की खींची रेखा, अब आत्मनिर्भर बना रहीं परमजीत

Mon, 07 Sep 2026 01:52 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 07 Sep 2026 01:52 AM IST
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Paramjit first charted the path for the panchayat's development; now, she is making it self-reliant.
परमजीत कौर, जवाली
धर्मशाला। कभी पंचायत की कमान संभालकर गांव के विकास की रूपरेखा खींचने वाली 54 वर्षीय पूर्व प्रधान परमजीत कौर मनकोटिया अब महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और आयुर्वेद को बढ़ावा देने की मिसाल बन चुकी हैं। वर्ष 2021 में प्रधान पद का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूह ''पोटेंशियल पार्टनर्स'' के माध्यम से मोरिंगा (सहजन) के औषधीय उत्पाद तैयार करने का स्वरोजगार शुरू किया। आज उनके तैयार उत्पादों की मांग धर्मशाला स्थित सरकारी ''हिम ईरा'' आउटलेट में लगातार बढ़ रही है।
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जवाली क्षेत्र के सिद्धपुरघाड़ गांव की पहली महिला प्रधान रहीं परमजीत कौर ने बताया कि 2022 में आयुष विभाग के डॉ. सुनील के संपर्क में आने के बाद उन्हें मोरिंगा की व्यावसायिक व औषधीय खेती की प्रेरणा मिली। शुरुआत में उन्होंने छह कनाल भूमि पर मोरिंगा के पौधे रोपे। शुरुआती दिनों में वह लोगों को उपहार स्वरूप उत्पाद देती थीं लेकिन दो वर्षों से उन्होंने ऑर्डर लेकर व्यावसायिक बिक्री शुरू कर दी है। उन्हें हर महीने औसतन 5000 रुपये तक की नियमित आय हो रही है।
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20 कनाल में होगा विस्तार
वर्तमान में उनके समूह के साथ पांच से छह महिलाएं नियमित काम कर रही हैं। चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में भी उनके समूह के स्टॉल को लोगों ने खूब सराहा। कुछ महिलाएं क्रोशिए की मदद से भगवान श्रीकृष्ण की पोशाकें भी तैयार कर रही हैं, जिन्हें जल्द बाजार में उतारा जाएगा।परमजीत कौर का कहना है कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके ससुर, पति और दोनों बेटों का अहम योगदान रहा है। बेटों ने ही सोशल मीडिया पेज बनाकर डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर लेने की व्यवस्था की। अगले वर्ष 20 कनाल अतिरिक्त भूमि पर मोरिंगा के पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।
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200 से 800 रुपये तक है उत्पादों की कीमत
समूह की ओर से पूरी तरह जैविक तरीके से कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। विभिन्न उत्पादों के पैकेट 200 रुपये से लेकर 800 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। इनमें मोरिंगा पाउडर, डिटॉक्स-सी, इम्युनिटी बूस्टर, शुद्ध हल्दी पाउडर और ऑर्गेनिक हेल्थ पाउडर।

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इन बीमारियों में रामबाण है मोरिंगा
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार सहजन (मोरिंगा) में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो कई असाध्य रोगों में लाभकारी माने जाते हैं।
मधुमेह (डायबिटीज): ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए मोरिंगा पाउडर।
रोग प्रतिरोधक क्षमता: इसमें मौजूद तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को कई गुना बढ़ाते हैं।
पाचन व डिटॉक्सिफिकेशन: यह शरीर के हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।
जोड़ों का दर्द व सूजन: इसके नियमित सेवन से वात दोष संतुलित रहता है और गठिया व जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

परमजीत कौर, जवाली

परमजीत कौर, जवाली

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