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पंचायत प्रतिनिधि जंगलों को आग से बचाने के लिए करें सहयोग : डीसी
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धर्मशाला। गर्मी के मौसम में वनों को आग से बचाने के लिए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने पंचायत प्रधानों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर क्षेत्रवासियों से भी आग लगने के हादसों को टालने और जंगलों को आग से बचाने में सहयोग की अपील की गई है, ताकि बहुमूल्य जान-माल की रक्षा की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि वनों की आग केवल पेड़ों को नहीं, बल्कि वन्य जीवों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। आग लगने से छोटे-बड़े जीवों की अकाल मृत्यु हो जाती है और उनका प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाता है। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों से आग्रह किया कि आग लगने की सूचना तुरंत वन विभाग व अग्निशमन विभाग को दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
बैरवा ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सजग रहने और आगजनी या अन्य अप्रिय घटनाओं की सूचना मिलने पर त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आम जनमानस को भी आग लगने के कारणों से जागरूक करने की आवश्यकता बताई, ताकि जंगलों के आसपास जलती हुई माचिस की तिल्ली या लकड़ी न फेंकी जाए। साथ ही, उन्होंने चारवाहों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से जंगलों के आसपास अस्थायी चूल्हे जलाने और घास या कूड़ा जलाने से बचने की अपील की।
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उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग और दमकल विभाग को आपसी समन्वय के साथ आगजनी की घटनाओं को रोकने में सहयोग करना चाहिए।
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उपायुक्त ने कहा कि वनों की आग केवल पेड़ों को नहीं, बल्कि वन्य जीवों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। आग लगने से छोटे-बड़े जीवों की अकाल मृत्यु हो जाती है और उनका प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाता है। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों से आग्रह किया कि आग लगने की सूचना तुरंत वन विभाग व अग्निशमन विभाग को दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
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बैरवा ने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सजग रहने और आगजनी या अन्य अप्रिय घटनाओं की सूचना मिलने पर त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने आम जनमानस को भी आग लगने के कारणों से जागरूक करने की आवश्यकता बताई, ताकि जंगलों के आसपास जलती हुई माचिस की तिल्ली या लकड़ी न फेंकी जाए। साथ ही, उन्होंने चारवाहों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से जंगलों के आसपास अस्थायी चूल्हे जलाने और घास या कूड़ा जलाने से बचने की अपील की।
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उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग और दमकल विभाग को आपसी समन्वय के साथ आगजनी की घटनाओं को रोकने में सहयोग करना चाहिए।