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हिमाचल में पंचायत चुनाव रद्द, आपदा या हार का डर : भाजपा
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परागपुर (कांगड़ा)। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश भर में प्रस्तावित पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव रद्द कर दिए हैं। सरकार ने इसका कारण हाल की भारी वर्षा, भूस्खलन और आपदा की स्थिति को बताया है। विपक्षी दल भाजपा ने इस निर्णय को राजनीतिक करार दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में हालात सामान्य हो चुके हैं तो पूरे प्रदेश में चुनाव रद्द करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने जैसा है। उनका आरोप है कि सरकार जनता के मूड को भांप चुकी है और संभावित हार से बचने के लिए उसने यह कदम उठाया है। स्थानीय स्तर पर लोगों में भी इस निर्णय को लेकर असमंजस है। पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद क्या प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे, इस पर अभी कोई स्पष्टता नहीं है। प्रदेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी संजीव शर्मा ने कहा कि अब स्थिति सही है ऐसे में राज्य में चुनाव रोकना प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक फैसला है। सरकार को मालूम है कि आपदा के दौरान उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जनता नाराज है।
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अचल पठानिया ने कहा कि जब प्रदेश में जीवन सामान्य हो चुका है तो चुनाव कराने में कोई बाधा नहीं थी। यह फैसला कांग्रेस की आसन्न हार की आशंका का नतीजा है।
भाजपा परागपुर मंडल के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि जब सरकार अपने सारे कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित कर रही है तो पंचायत चुनाव को आपदा के नाम पर रद्द करना कितना उचित है। यह जनता अच्छी तरह समझ रही है।
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भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अचल पठानिया ने कहा कि जब प्रदेश में जीवन सामान्य हो चुका है तो चुनाव कराने में कोई बाधा नहीं थी। यह फैसला कांग्रेस की आसन्न हार की आशंका का नतीजा है।
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भाजपा परागपुर मंडल के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि जब सरकार अपने सारे कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित कर रही है तो पंचायत चुनाव को आपदा के नाम पर रद्द करना कितना उचित है। यह जनता अच्छी तरह समझ रही है।
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