धर्मशाला। नवाचार के लिए युवा मस्तिष्कों का पोषण-2025 विषय पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के शाहपुर परिसर में हुआ। राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन में तीन प्रमुख वैज्ञानिकों ने अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। यह सत्र नवाचार, कृषि प्रौद्योगिकी और टिकाऊ जलीय संसाधनों पर केंद्रित रहा। सत्र की शुरुआत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और यूजीसी-एमएमटीटीसीसी (एचआरडीसी) के निदेशक प्रो. डीआर ठाकुर के व्याख्यान से हुई। दूसरे प्रमुख वक्ता डॉ. पंकज सूद प्रधान विस्तार विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र मंडी ने कृषि का भविष्य : अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में ड्रोन, सेंसर और डेटा-आधारित निर्णय लेने की तकनीकों के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के समापन एक नाटी की प्रस्तुति की गई, जिसने समस्त दर्शकों को हिमाचली लोक संस्कृति की झलक दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा नशा विरोधी सामाजिक संदेश पर आधारित एक प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया। ब्यूरो