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Kangra News: नया पैंतरा, अब एपीके फाइल के नाम से ठग रहे शातिर
Tue, 17 Sep 2024 05:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 17 Sep 2024 05:24 AM IST
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धर्मशाला। ऑनलाइन फ्रॉड के नाम पर शातिरों ने अब नए पैंतरे के साथ लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने का खेल शुरू कर दिया है। शातिरों की ओर से लोगों को व्हाट्सएप और फोन पर मैसेज के माध्यम से बैंक के नाम से एपीके (एंड्रायड एप्लीकेशन किट) का लिंक भेजा जा रहा है। एपीके के माध्यम से शातिर लोगों के फोन सिस्टम को हैक कर जरूरी जानकारियां और बैंक संबंधित डिटेल लेकर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। शातिरों की ओर से अपनाए जा रहे इस पैंतरे को लेकर साइबर क्राइम थाना धर्मशाला ने भी एडवाइजरी जारी की है।
जानकारी के अनुसार लोगों के व्हाट्सएप पर किसी अज्ञात नंबर अथवा ग्रुप में इन एप को भेजा जा रहा है। इस एप को डाउनलोड करने के साथ ही यह एप मोबाइल फोन के कैमरा, माइक्रोफोन, जीपीएस, मैसेज और ओटीपी संबंधित सभी कमांड को अपने कब्जे में ले लेते हैं। इसके बाद मोबाइल फोन की सभी जानकारियां और ओटीपी शातिर के पास पहुंचना शुरू हो जाती हैं। वहीं, मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाले व्यक्ति को इसकी भनक भी नही लगती है कि उनकी जानकारियां शातिरों के पास पहुंच रही हैं।
एपीके का कोई आइकन भी नहीं
साथ ही मोबाइल फोन पर भी इस एप को कोई आइकन भी नहीं दर्शाया जाता है जिससे कि इसको अनइंस्टाल किया जा सके। एपीके एप को शातिर बैंक और आधार कार्ड अपडेट करने के नाम से भेज रहे हैं। एपीके डाउनलोड होने के बाद मोबाइल शातिरों के हाथ की कठपुतली बन रहा है। इसके माध्यम से शातिर व्यक्ति की वाॅयस भी रिकॉर्ड कर एआई के माध्यम से फ्रॉड के लिए इसका प्रयोग कर सकते हैं।
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ऐसी फाइल कभी न करें डाउनलोड : एएसपी
एएसपी साइबर क्राइम थाना धर्मशाला प्रवीण धीमान ने बताया कि मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर अथवा ग्रुप में एपीके फाइल बैंक अथवा आधार कार्ड अपडेट करने के नाम से शातिरों की ओर से भेजी जा रही हैं। ऐसी फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए। इसके माध्यम से शातिरों के पास पूरी जानकारी पहुंच जाएगी और इसकी भनक मोबाइल फोन प्रयोग करने वाले को लगेगी भी नहीं।
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जानकारी के अनुसार लोगों के व्हाट्सएप पर किसी अज्ञात नंबर अथवा ग्रुप में इन एप को भेजा जा रहा है। इस एप को डाउनलोड करने के साथ ही यह एप मोबाइल फोन के कैमरा, माइक्रोफोन, जीपीएस, मैसेज और ओटीपी संबंधित सभी कमांड को अपने कब्जे में ले लेते हैं। इसके बाद मोबाइल फोन की सभी जानकारियां और ओटीपी शातिर के पास पहुंचना शुरू हो जाती हैं। वहीं, मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाले व्यक्ति को इसकी भनक भी नही लगती है कि उनकी जानकारियां शातिरों के पास पहुंच रही हैं।
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एपीके का कोई आइकन भी नहीं
साथ ही मोबाइल फोन पर भी इस एप को कोई आइकन भी नहीं दर्शाया जाता है जिससे कि इसको अनइंस्टाल किया जा सके। एपीके एप को शातिर बैंक और आधार कार्ड अपडेट करने के नाम से भेज रहे हैं। एपीके डाउनलोड होने के बाद मोबाइल शातिरों के हाथ की कठपुतली बन रहा है। इसके माध्यम से शातिर व्यक्ति की वाॅयस भी रिकॉर्ड कर एआई के माध्यम से फ्रॉड के लिए इसका प्रयोग कर सकते हैं।
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ऐसी फाइल कभी न करें डाउनलोड : एएसपी
एएसपी साइबर क्राइम थाना धर्मशाला प्रवीण धीमान ने बताया कि मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर अथवा ग्रुप में एपीके फाइल बैंक अथवा आधार कार्ड अपडेट करने के नाम से शातिरों की ओर से भेजी जा रही हैं। ऐसी फाइल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए। इसके माध्यम से शातिरों के पास पूरी जानकारी पहुंच जाएगी और इसकी भनक मोबाइल फोन प्रयोग करने वाले को लगेगी भी नहीं।