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Kangra News: सांसद ने कन्या स्कूल के विलय को रद्द करने की पैरवी की
Wed, 20 May 2026 12:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 20 May 2026 12:57 AM IST
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नादौन (हमीरपुर)। प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कन्या स्कूल नादौन के विलय को रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कन्या स्कूल को बाल स्कूल में विलय न करने का आग्रह किया है।
कुछ दिन पूर्व इस विषय पर अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से भेंट की थी और चिंता व्यक्त करते हुए विलय के निर्णय को बदलने की मांग की थी। अभिभावकों ने कहा था कि सह-शिक्षा विद्यालय बनने से बेटियों को पढ़ाई में असहजता और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कन्या स्कूल शिक्षा के क्षेत्र सहित अन्य गतिविधियों में भी पिछले लंबे समय से अव्वल रहा है और इस स्कूल पढ़ाई अच्छी होती है। सरकार ने इसका विलय करके बच्चों सहित अभिभावकों को भी परेशानी में डाल दिया।
इस कारण कई अभिभावक बेटियों को उस स्कूल से निकालकर अन्य स्कूल में दाखिल करवाने के लिए मजबूर हुए। अभिभावकों ने यह मांग भी उठाई थी कि इस विद्यालय में प्रदेश शिक्षा बोर्ड का ही सिलेबस जारी रहना चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।
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डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि सरकार का यह कदम क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। बेटियों की शिक्षा के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए न कि स्कूलों को बंद या मर्ज किया जाना चाहिए। संवाद
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कुछ दिन पूर्व इस विषय पर अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से भेंट की थी और चिंता व्यक्त करते हुए विलय के निर्णय को बदलने की मांग की थी। अभिभावकों ने कहा था कि सह-शिक्षा विद्यालय बनने से बेटियों को पढ़ाई में असहजता और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कन्या स्कूल शिक्षा के क्षेत्र सहित अन्य गतिविधियों में भी पिछले लंबे समय से अव्वल रहा है और इस स्कूल पढ़ाई अच्छी होती है। सरकार ने इसका विलय करके बच्चों सहित अभिभावकों को भी परेशानी में डाल दिया।
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इस कारण कई अभिभावक बेटियों को उस स्कूल से निकालकर अन्य स्कूल में दाखिल करवाने के लिए मजबूर हुए। अभिभावकों ने यह मांग भी उठाई थी कि इस विद्यालय में प्रदेश शिक्षा बोर्ड का ही सिलेबस जारी रहना चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।
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डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि सरकार का यह कदम क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। बेटियों की शिक्षा के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए न कि स्कूलों को बंद या मर्ज किया जाना चाहिए। संवाद