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Kangra News: मानसून ने मचाई तबाही, 35 लोगों की मौत, 2.43 करोड़ का नुकसान
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धर्मशाला। मानसून सीजन में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और विभिन्न हादसों ने कांगड़ा जिले में भारी तबाही मचाई है। तीन सितंबर तक संकलित आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में प्राकृतिक आपदा और दुर्घटनाओं के चलते कुल 243.505 लाख (2.43 करोड़) रुपये की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान अलग-अलग हादसों में 35 लोगों की जान चली गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जिले में सबसे अधिक क्षति रिहायशी मकानों, गोशालाओं और पशुधन को पहुंची है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान हुई 35 मौतों में सबसे बड़ी संख्या सड़क हादसों की रही। जिलेभर में सड़क दुर्घटनाओं में 18 लोगों ने जान गंवाई।
इसके अलावा सर्पदंश के कारण छह, करंट लगने और इलेक्ट्रोक्यूशन से कुल चार तथा ऊंचाई से फिसलकर गिरने से दो व्यक्तियों की मौत हुई। वहीं ट्रेन हादसे, पानी में डूबने, मधुमक्खी के काटने और अचानक आई फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से भी एक-एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है।
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आपदा के चलते जिले में निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को गहरा आघात लगा है। रिपोर्ट के अनुसार कुल 201 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे करीब 155.77 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें बारिश से 159, भूस्खलन से 33 और आग लगने से दो मकानों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा सात दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से करीब 4.80 लाख रुपये की क्षति आंकी गई है।
एक झोपड़ी को भी नुकसान हुआ है, जबकि निजी ढांचे, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक भवन भी प्रभावित हुए हैं। मत्स्य पालन क्षेत्र में सात फिशरी टैंकों के टूटने से 13.90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जिले ग्रामीण क्षेत्रों में 184 गोशालाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से जमींदोज हो गईं। इसके साथ ही कुल 69 मवेशियों की मौत दर्ज हुई, जिसमें 30 गाय, 24 भैंस, नौ बकरियां, तीन भेड़, एक बैल, एक बछड़ा और एक घोड़ी शामिल हैं। अकेले पशुधन के नुकसान का आंकड़ा 59.595 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
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जिले में सबसे अधिक क्षति रिहायशी मकानों, गोशालाओं और पशुधन को पहुंची है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान हुई 35 मौतों में सबसे बड़ी संख्या सड़क हादसों की रही। जिलेभर में सड़क दुर्घटनाओं में 18 लोगों ने जान गंवाई।
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इसके अलावा सर्पदंश के कारण छह, करंट लगने और इलेक्ट्रोक्यूशन से कुल चार तथा ऊंचाई से फिसलकर गिरने से दो व्यक्तियों की मौत हुई। वहीं ट्रेन हादसे, पानी में डूबने, मधुमक्खी के काटने और अचानक आई फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से भी एक-एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है।
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आपदा के चलते जिले में निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को गहरा आघात लगा है। रिपोर्ट के अनुसार कुल 201 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे करीब 155.77 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें बारिश से 159, भूस्खलन से 33 और आग लगने से दो मकानों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा सात दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से करीब 4.80 लाख रुपये की क्षति आंकी गई है।
एक झोपड़ी को भी नुकसान हुआ है, जबकि निजी ढांचे, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक भवन भी प्रभावित हुए हैं। मत्स्य पालन क्षेत्र में सात फिशरी टैंकों के टूटने से 13.90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जिले ग्रामीण क्षेत्रों में 184 गोशालाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से जमींदोज हो गईं। इसके साथ ही कुल 69 मवेशियों की मौत दर्ज हुई, जिसमें 30 गाय, 24 भैंस, नौ बकरियां, तीन भेड़, एक बैल, एक बछड़ा और एक घोड़ी शामिल हैं। अकेले पशुधन के नुकसान का आंकड़ा 59.595 लाख रुपये तक पहुंच गया है।