{"_id":"6a9ec457e6c9ffcf640a8815","slug":"misleading-reply-given-regarding-liabilities-strategy-for-agitation-to-be-formulated-suresh-kangra-news-c-95-1-kng1005-254382-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"देनदारियों पर दिया भ्रामक जवाब, आंदोलन की बनेगी रणनीति : सुरेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देनदारियों पर दिया भ्रामक जवाब, आंदोलन की बनेगी रणनीति : सुरेश
Tue, 08 Sep 2026 07:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 08 Sep 2026 07:33 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला में प्रेसवार्ता करते हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति अध्यक्ष सुरेश ठाकुर औ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। प्रदेश सरकार पर पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर विधानसभा के भीतर भ्रामक जानकारी देकर गुमराह करने का आरोप लगा है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के नेता सुरेश ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार ने पेंशनरों की मांगों और लंबित वित्तीय बकायों के भुगतान पर जल्द कोई ठोस व सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा और सरकार का घेराव होगा।
धर्मशाला में प्रेसवार्ता में सुरेश ठाकुर ने कहा कि एक सितंबर को शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने अपने वित्तीय हकों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके उपरांत तीन सितंबर को विधानसभा सत्र के दौरान करसोग के विधायक दीपराज और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर अनुपूरक प्रश्न पूछे थे। इसके उत्तर में सीएम ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के एरियर, लीव इनकैशमेंट तथा ग्रेच्युटी सहित अन्य सभी बकायों के भुगतान की बात कही।
सुरेश ठाकुर ने सदन में दी गई इस जानकारी को पूरी तरह भ्रामक करार देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर विशेषाधिकार हनन का विषय बनता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के तहत क्लास-3 कर्मचारियों को मात्र 35 प्रतिशत और क्लास-1 व 2 के अधिकारियों को केवल 15 फीसदी ही भुगतान मिला है।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि पेंशनरों की विभिन्न देनदारियों का सरकार पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया लंबित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लंबित मांगों और देय बकायों पर शीघ्र फैसला नहीं लिया तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में समिति की राज्य कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार कर प्रदेशव्यापी रोष रैलियां, धरने और सचिवालय घेराव जैसे कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
धर्मशाला में प्रेसवार्ता में सुरेश ठाकुर ने कहा कि एक सितंबर को शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने अपने वित्तीय हकों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके उपरांत तीन सितंबर को विधानसभा सत्र के दौरान करसोग के विधायक दीपराज और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर अनुपूरक प्रश्न पूछे थे। इसके उत्तर में सीएम ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के एरियर, लीव इनकैशमेंट तथा ग्रेच्युटी सहित अन्य सभी बकायों के भुगतान की बात कही।
विज्ञापन
सुरेश ठाकुर ने सदन में दी गई इस जानकारी को पूरी तरह भ्रामक करार देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर विशेषाधिकार हनन का विषय बनता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के तहत क्लास-3 कर्मचारियों को मात्र 35 प्रतिशत और क्लास-1 व 2 के अधिकारियों को केवल 15 फीसदी ही भुगतान मिला है।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि पेंशनरों की विभिन्न देनदारियों का सरकार पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया लंबित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लंबित मांगों और देय बकायों पर शीघ्र फैसला नहीं लिया तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में समिति की राज्य कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार कर प्रदेशव्यापी रोष रैलियां, धरने और सचिवालय घेराव जैसे कदम उठाए जाएंगे।