{"_id":"697cd76efa755c21300cdb06","slug":"loan-up-to-rs-20-lakh-will-be-available-for-higher-education-at-1-roi-kangra-news-c-95-1-ssml1008-218348-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च शिक्षा के लिए एक फीसदी ब्याज पर मिलेगा 20 लाख तक का ऋण : उपायुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च शिक्षा के लिए एक फीसदी ब्याज पर मिलेगा 20 लाख तक का ऋण : उपायुक्त
विज्ञापन
धर्मशाला। प्रदेश सरकार की डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने सरल मानक निर्धारित किए हैं। विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पिछली परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। 28 वर्ष तक की आयु के युवा योजना के पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि ऋण योजना में लगभग सभी प्रमुख व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, एमबीए, लॉ, आईटीआई, पॉलिटेक्निक के साथ-साथ स्नातकोत्तर और पीएचडी जैसे शोध कार्य भी सम्मिलित हैं। ऋण की राशि का उपयोग ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल, किताबों और अन्य शैक्षणिक उपकरणों के खर्च के लिए भी किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने सरल मानक निर्धारित किए हैं। विद्यार्थी के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पिछली परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। 28 वर्ष तक की आयु के युवा योजना के पात्र हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ऋण योजना में लगभग सभी प्रमुख व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, एमबीए, लॉ, आईटीआई, पॉलिटेक्निक के साथ-साथ स्नातकोत्तर और पीएचडी जैसे शोध कार्य भी सम्मिलित हैं। ऋण की राशि का उपयोग ट्यूशन फीस के अलावा हॉस्टल, किताबों और अन्य शैक्षणिक उपकरणों के खर्च के लिए भी किया जा सकेगा।
विज्ञापन